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पलाई क्षेत्र में अवैध नल कनेक्शनों की भरमार, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


रिपोर्टर: दुर्योधन मयंक

उनियारा। उपखंड क्षेत्र के पलाई कस्बे सहित आसपास के गांवों में बीसलपुर पेयजल परियोजना की पाइपलाइन में बढ़ते अवैध नल कनेक्शनों के कारण गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि भीषण गर्मी शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद ग्राम पंचायत प्रशासन, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। पर्याप्त पेयजल नहीं मिलने के कारण लोगों को मजबूरी में फ्लोराइड युक्त हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है, वहीं कई लोग महंगे दामों पर टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से बूस्टर और पंपसेट लगाकर पानी खींचा जा रहा है तथा बिसलपुर का पानी सब्जी की बाड़ियां और अन्य उपयोगों में लिया जा रहा है, जिससे आमजन के हिस्से का पानी प्रभावित हो रहा है।

किसान नेता रामकिशन धाकड़, पूर्व सरपंच सोहनलाल धाकड़, समाजसेवी शेरसिंह बन्ना सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध कनेक्शनों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि बीसलपुर परियोजना विभाग, जलदाय विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ही इस समस्या का समाधान संभव है।

ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र गुर्जर, प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर एवं पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को ज्ञापन सौंपकर पलाई कस्बे में एक बड़े उच्च जलाशय के निर्माण की भी मांग की है।

बताया गया कि वर्तमान में गांव में बनी पानी की टंकी मात्र करीब डेढ़ लाख लीटर क्षमता की है, जो बढ़ती आबादी के हिसाब से अपर्याप्त है। इसके चलते जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जानकारी के अनुसार पलाई, झुंडवा, सोप, गणित्या ढाणी, अलीगढ़, खेलनिया, चोरु, रतनपुरा, बोसरिया, ककोड और कचरावता सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में अवैध नल कनेक्शनों की समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में पेयजल संकट और गहराने की आशंका है।

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