लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उत्कृष्ट कार्य के लिए सीएचसी कुरज प्रभारी और भीम बीसीएमओ को किया गया सम्मानित
राजसमंद (गौतम शर्मा)।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों की रोकथाम कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए संचालित कार्यक्रमों में चिकित्सा अधिकारी प्रभारी प्रतिदिन समीक्षा करें।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे क्लेम की समय पर मॉनिटरिंग और भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें प्रोत्साहन मिल सके।
साथ ही, आभा आईडी लिंकिंग, कैंसर स्क्रीनिंग (सर्वाइकल, ब्रेस्ट एवं ओरल) की गति बढ़ाने और पोर्टल पर प्रगति अद्यतन करने पर बल दिया।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि जो चिकित्सा अधिकारी नियमित लॉगिन नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आगामी बैठक से पूर्व सभी रोगियों की जियो-टैगिंग, बैंक विवरण अपडेट करने और निक्षय पोर्टल पर सभी सूचनाएं दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामनिवास जाट ने कार्यक्रम की गतिविधियों की जानकारी दी।

मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्कता
सीएमएचओ डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम संबंधी जानकारी दी और विशेषकर स्क्रब टायफस को लेकर सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान
बैठक में उत्कृष्ट कार्य के लिए:
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सीएचसी कुरज के प्रभारी डॉ. प्रतीक टिकीवाल को “स्टार ऑफ द मंथ”
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ब्लॉक भीम के बीसीएमओ डॉ. प्रवीण सैनी को राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सूचकांकों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
कलेक्टर ने बताया कि आगे से प्रत्येक माह नीति आयोग द्वारा जारी स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ संस्थान को सम्मानित किया जाएगा।
अन्य चर्चाएँ
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डॉ. सुरेश मीणा (जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी) ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा की।
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महेन्द्र खंगारोत (डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण) ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा की।
बैठक में डॉ. रमेश रजक (प्रमुख चिकित्सा अधिकारी) सहित सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं राजकीय संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।