लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला (झालावाड़) । प्रस्तावित 25 हजार सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत एवं अनुभवी सफाई कर्मचारियों को प्राथमिकता देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी गंगधार को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद के राष्ट्रीय सचिव एवं वाल्मीकि समाज अध्यक्ष योगेश परमार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
योगेश परमार ने बताया कि आगामी भर्ती में वाल्मीकि समाज के परंपरागत, अनुभवी तथा वर्षों से सफाई कार्य से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा सरकारी, गैर-सरकारी संस्थानों, ग्राम पंचायतों और विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मचारियों को भी भर्ती में वरीयता देने की मांग की गई।
ज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया को लॉटरी प्रणाली के माध्यम से सीधे आयोजित करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर रोक लगेगी। साथ ही वाल्मीकि समाज के जाति प्रमाण पत्र को ही अनुभव का आधार मानने, सफाई कर्मचारी भर्ती को आरक्षण मुक्त करने, न्यायालयीन प्रकरणों में लंबित सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति देने तथा नवगठित नगरपालिकाओं में सफाई कर्मचारियों के पद स्वीकृत करने की मांग भी उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में सफाई व्यवस्था में प्रचलित ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर “समान काम, समान वेतन” के सिद्धांत को लागू करने की भी मांग की।
ज्ञापन का वाचन अखिल भारत वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोरधन परमार ने किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से समाज की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान वाल्मीकि समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।