लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)। मदन राठौड़ ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
राज्यसभा में उनके प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि निर्धारित एक लाख लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले देशभर में 1,39,467 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 1389.61 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।
यह ऋण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) के माध्यम से प्रदान किया गया।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार केरल में 68,339 लाभार्थियों को 47,880.42 लाख रुपये, तमिलनाडु में 24,971 लाभार्थियों को 18,974.47 लाख रुपये, कर्नाटक में 5,774 लाभार्थियों को 7,052.17 लाख रुपये तथा उत्तर प्रदेश में 6,106 लाभार्थियों को 9,286.15 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। राजस्थान में 1,069 लाभार्थियों को 1,832.98 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
राठौड़ ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से पारदर्शिता और त्वरित स्वीकृति सुनिश्चित हुई है। आवेदन से ऋण स्वीकृति तक औसतन 2 से 4 सप्ताह का समय लगा। वित्त वर्ष 2024-25 में पीएम-सुरज पोर्टल के माध्यम से 15 लाख रुपये तक के व्यावसायिक ऋण भी वितरित किए गए, जिससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को प्रोत्साहन मिला।
उन्होंने कहा कि सरकार की लक्षित वित्तीय योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।