लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सम्मानित
जयपुर । उत्कृष्ट जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के लिए राजस्थान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। राज्य ने ‘जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार’ में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए यह पुरस्कार तीसरी बार अपने नाम किया है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी भी उपस्थित रहे।
राजस्थान की ओर से जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं मुख्य अभियंता भुवन भास्कर ने राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया।
बाड़मेर को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान
‘जल संचयन जन भागीदारी 1.0’ के अंतर्गत उत्कृष्ट जिलों की श्रेणी में बाड़मेर जिला देश में प्रथम स्थान पर रहा। जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले द्वारा किए गए नवाचारी और प्रभावी कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
इसके अलावा राज्य के अन्य 8 जिलों—भीलवाड़ा, जयपुर, उदयपुर, अलवर, बारां, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ और सीकर—को भी जल सुरक्षित भारत के निर्माण में अनुकरणीय योगदान के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा—जल संरक्षण के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की इस उपलब्धि पर विभाग और जिलों को बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान सरकार जल संरक्षण और जल संचयन के क्षेत्र में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान’ के माध्यम से प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित कर भूजल रिचार्ज और जल संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं।