लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गुजरात के अमीरगढ़ में धराया
14 किलो चरस, देसी पिस्टल व 16 कारतूस बरामद
सिरोही (तुषार पुरोहित): मावल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। आबूरोड स्थित रीको थाना क्षेत्र की मावल चौकी को पार कर एक नशा तस्कर पुलिस को चकमा देकर निकल गया, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
गुजरात पुलिस की सतर्कता से खुला मामला
हालांकि गुजरात पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सका। अमीरगढ़ चेकपोस्ट पर नियमित जांच के दौरान एक ट्रेवल्स बस को रोका गया। तलाशी में एक युवक के पास से करीब 14 किलो चरस, एक देसी पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
34.50 लाख रुपये की चरस बरामद
जब्त की गई चरस की बाजार कीमत करीब 34 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशे की खेप मिलने से संगठित तस्करी नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
जयपुर से पुणे ले जाई जा रही थी खेप
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और जयपुर से पुणे तक नशे की खेप पहुंचाने की फिराक में था। जांच से बचने के लिए उसने ट्रेवल्स बस का सहारा लिया, लेकिन अमीरगढ़ में सख्ती के चलते पकड़ा गया।
नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गुजरात पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप कहां से लाई गई और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि राजस्थान सीमा पर तैनात पुलिस की नजरों से आरोपी कैसे बच निकला।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मावल जैसी संवेदनशील चौकियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
यह मामला न केवल मादक पदार्थों की तस्करी का है, बल्कि सीमा सुरक्षा में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है, जिस पर तत्काल सुधार की जरूरत है।














































