लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां: कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को तुलसी पूजन दिवस बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और तुलसी माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई।
चारभुजा मंदिर और बोहरा भवन परिसर में चारभुजा महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन और तुलसी पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे हर घर में तुलसी का पौधा लगाने और इसके महत्व को लोगों तक पहुँचाने का कार्य करें। तुलसी के पौधे को निशुल्क वितरित भी किया गया।
हिंदू धर्म में तुलसी पूजा की परंपरा पौराणिक काल से चली आ रही है। लगभग हर हिंदू परिवार के आंगन में तुलसी का पौधा आवश्यक माना जाता है। इसे लक्ष्मी का रूप माना जाता है और यह माना जाता है कि घर में हरा-भरा तुलसी का पौधा होने से सुख-शांति बनी रहती है। पद्म पुराण के अनुसार तुलसी के पत्तों का जल सिर पर लगाने से गंगा स्नान और दस गोदान का फल प्राप्त होता है। तुलसी पूजा से न केवल रोग नष्ट होते हैं बल्कि अच्छा स्वास्थ्य और बुरे विचारों का नाश भी होता है।
इस अवसर पर महिला मंडल ने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर तुलसी के पौधे लगाने की अपील की। चारभुजा महिला मंडल ने तुलसी की 108 परिक्रमा का आयोजन भी किया और महिलाओं के सशक्तिकरण तथा महिला संगठन को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में संतोष देवी टाक, शारदा देवी बोहरा, देवकी देवी पारीक, सुनिता बोहरा, सुंदरदेवी सैन, कोमल सैन, कौशल्या देवी बोहरा, शांति देवी वैष्णव, जसू देवी सेन, राम पारीक, लखन पारीक और गुनु बोहरा सहित कई महिला मंडल सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने अपने परिवार और देश की खुशहाली की कामना की।
