लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां (नागौर) पादूकलां कस्बे से एक सकारात्मक पहल सामने आई, जहां “सुरक्षित बचपन–सुरक्षित भविष्य” थीम पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह, साइबर अपराध और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मंगलवार को पादूकलां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन सचिव स्वाति शर्मा के निर्देशन में पैरा लीगल वालंटियर जुगलसिंह सोलंकी ने किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। जुगलसिंह सोलंकी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ‘आशा यूनिट’ और ‘जागृति योजना’ के तहत बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देते हुए इसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला और समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों से अवगत कराया गया। बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर उत्पीड़न से बचाव के उपाय भी बताए गए।
विधिक जागरूकता से जुड़े जिंगल्स के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल भाषा में कानूनी संदेश दिए गए। अंत में निःशुल्क विधिक सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य सपना चौधरी सहित व्याख्याता प्रियदर्शी, संजूलता, मनोहर सिंह, गोपीचंद पारीक, चेनाराम, धनाराम, वरिष्ठ अध्यापक जगदीश राम, इंद्रराज, मनीष कुमार, अनसूया शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, मांगीलाल, प्रेस्ता कमेडिया, सीमा देवी, स्नेह शर्मा, सुनील शेट्टी, दीपक कुमार, रवि पारीक, जगदीशराम बेड़ा, दिनेश कुमार सेन एवं चेनाराम बेड़ा सहित समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम न केवल बच्चों को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि समाज में कानून के प्रति समझ को भी मजबूत करते हैं।