लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा/आसींद। नवरात्रि के अवसर पर भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र के आमेसर के पास स्थित प्रसिद्ध बंक्यारानी माता मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में रोजाना मेले जैसा वातावरण बना हुआ है। भक्तों की मान्यता है कि यहां माता के दरबार में आने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
शक्तिपीठ की विशेषता
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मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है और इसमें हनुमानजी, भगवान भैरव और ज्वाला माता का प्रमुख स्थान है।
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पास ही एक तालाब और बालाजी का मंदिर भी है।
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हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्र में माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है।
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मंदिर का प्रबंधन सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट देखता है।
श्रद्धालुओं की आस्था और मेले का माहौल
शनिवार, रविवार और नवरात्र में यहां भक्तों की भीड़ चरम पर रहती है। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिन मंदिर परिसर में ठहरते हैं।
महिलाएं एक किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर तक जाती हैं, जहां कुंड में स्नान कर उन्हें मानसिक शांति मिलती है।
मंदिर में नवरात्र के दौरान भजन-कीर्तन और भजन संध्या का आयोजन भक्तों द्वारा किया जाता है।
बंक्यारानी माता के प्रकट होने की कथा
मंदिर के पुजारी व ट्रस्टी देवीलाल के अनुसार, बंक्या माता ने बकेसुर राक्षस का वध कर बांकेगढ़ में प्रकट हुईं। आगे चलकर आमेसर के जंगल में बालक की पुकार पर वे रुक गईं और यहीं पाषाण रूप धारण कर लिया।
कथा के अनुसार, ईसरदास पंवार निसंतान थे और माता ने उन्हें पुत्र का आशीर्वाद दिया। पुत्र 12 वर्ष का हुआ तो उसने माता को समर्पण स्वरूप अपना शीश अर्पित कर दिया। मंदिर परिसर में आज भी उस घटना से जुड़ी मूर्तियां विराजमान हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
बंक्यारानी शक्ति स्थल की प्रेत बाधा चिकित्सा की मान्यता पर “ऑयज शॉप स्टोन” नामक फिल्म भी बनाई गई थी। इस फिल्म को फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। इसके बाद से शोधकर्ताओं, फिल्म निर्माताओं और कलाकारों का यहां आना-जाना लगा रहता है।