लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
परिवार को सुखी और संस्कारित करने के लिए भगवान की भक्ति आवश्यक : नंदलाल बाबा
नागौर (प्रदीप कुमार डागा) । घर-परिवार को सुखी और संस्कारित बनाने के लिए भगवान की भक्ति अत्यंत आवश्यक है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल बाबा जी ने महेश्वरी पंचायत भवन में आयोजित कुटुंब प्रबोधन एवं भक्ति संध्या कार्यक्रम में व्यक्त किए।
संत परंपरा और भक्ति की महिमा पर प्रकाश
नंदलाल बाबा जी ने कहा कि मीरा, नरसी मेहता और सूरदास जैसे भक्तों ने भक्ति के माध्यम से समाज को एकजुट करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक और भक्ति परंपरा है, जो पूरे विश्व में शांति और समरसता का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि भक्ति और प्रेम के बिना जीवन अधूरा है तथा सामाजिक समरसता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में सात्विक और सकारात्मक वातावरण बनाना चाहिए।
भारत की संस्कृति और सामाजिक एकता पर जोर
नंदलाल बाबा जी ने कहा कि भारत केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक जीवंत राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि देश को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाकर विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता भारत में है।
उन्होंने “पंच परिवर्तन” के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और संगठित शक्ति के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
भक्ति और देशभक्ति गीतों की रही गूंज
कार्यक्रम में भक्ति और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। नंदलाल बाबा जी ने स्वरचित भजनों के माध्यम से परिवार, समाज, राष्ट्र और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर संदेश दिया।
कार्यक्रम में शताब्दी विस्तारक रुद्र कुमार शर्मा, समाजसेवी भोजराज सारस्वत, पूर्व विधायक मोहन राम चौधरी, महंत नरोत्तम पाठक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संगीत संगत प्रीतम भट्ट और गजेंद्र गौड़ ने दी, जबकि संचालन शरद जोशी ने किया। कार्यक्रम का आयोजन चांडक परिवार द्वारा किया गया।