लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डीडवाना में दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन
डीडवाना । (प्रदीप कुमार डागा) स्थानीय पूजा इंटरनेशनल एकेडमी में जोधपुर प्रांत के दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि भीषण गर्मी में प्रशिक्षण पूरा करना किसी साधना और तपस्या से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवतियों में आत्मरक्षा, अनुशासन और संगठन क्षमता का विकास होता है।
आत्मरक्षा और संस्कारों पर जोर
डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि प्रशिक्षण में दुर्गावाहिनी बहनों ने भारतीय युद्ध कला के दो प्रमुख अंग—आयुध और नियुद्ध—सीखकर आत्मरक्षा कौशल में दक्षता प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने शाखा कार्य, बाल संस्कार केंद्र, बाधा प्रशिक्षण और “पंच परिवर्तन” जैसे विषयों को भी आत्मसात किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित रहना आज के समय की आवश्यकता है और समाज को संगठित शक्ति के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।
संगठन और राष्ट्रभाव पर संदेश
डॉ. जैन ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए सभी को सदैव सजग रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना आवश्यक है।
प्रशिक्षण केंद्र के प्रयासों की सराहना
पूजा इंटरनेशनल एकेडमी के निदेशक रणजीत सर ने कहा कि परिसर में दुर्गावाहिनी बहनों द्वारा दिखाया गया शौर्य और इच्छाशक्ति अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के यज्ञ में योगदान बताया।
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश सारड़ा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
