*पहले से ज्यादा बजट, पहले से ज्यादा दवाएं मिल रहीं*
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर,। (आर एन सांवरिया) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अतुलनीय कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में आमजन को नि:शुल्क दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना का बेहतरीन संचालन कर रहा है। देशभर में नि:शुल्क दवा योजना के संचालन में राजस्थान अग्रणी राज्यों में है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत हमारी सरकार पिछली सरकार की तुलना में ज्यादा दवाएं उपलब्ध करवा रही हैं और पहले से ज्यादा बजट इस योजना के लिए प्रावधित किया गया है।
चिकित्सा मंत्री खींवसर ने कहा कि प्रदेशभर में नि:शुल्क दवा योजना के तहत आवश्यक दवा सूची में शामिल में लगभग सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कहीं भी दवाओं की कमी की कोई स्थिति अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि दवाओं की दर संविदा खत्म होने से पहले ही नई दर संविदा कर ली जाती है। आगामी महीनों में जिन दवाओं की दर संविदा समाप्त होने जा रही है, उनकी दर संविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जो जल्द पूर्ण हो जाएगी। उन्होंने कहा है कि’मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना’ में आवश्यक दवा सूची का निरन्तर विस्तार किया जा रहा है। सूची में अब 1824 औषधियां, सर्जिकल्स एवं सूचर्स उपलब्ध हैं। योजना में गम्भीर बीमारियों यथा हीमोफिलिया हेतु 19 औषधियां, कैंसर रोग हेतु 173 औषधियां, हृदय रोग हेतु 102 औषधियां और डायबिटिज हेतु 34 औषधियां उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिसम्बर 2024 तक दवाइयों पर 1221.76 करोड रूपये व्यय कर 14.93 करोड़ मरीजों को लाभान्वित किया गया है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम द्वारा मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना एवं मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान योजना के अन्तर्गत सम्मिलित औषधियों एवं सर्जिकल एवं सूचर्स का उपापन एवं क्रय कर प्रदेश के समस्त राजकीय चिकित्सा संस्थानों में मांग व आवश्यकता अनुरूप निर्बाध रूप से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसी कारणवश दर संविदा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अथवा आपूर्ति में विलंब होने की स्थिति में चिकित्सा संस्थान द्वारा संबंधित औषधि भण्डार गृह से एनएसी प्राप्त कर स्थानीय स्तर पर क्रय कर आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। इस हेतु जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालयों को 15 लाख, उप जिला अस्पताल व सैटेलाईट अस्पताल को 10 लाख एवं सीएचसी को 3 व पीएचसी को 1 लाख रूपए आवंटित किए गए हैं। जिला औषधि मण्डार गृह पर औषधि विशेष की कमी होने पर अन्य जिला औषधि मण्डार गृहों से स्थानान्तरण कर उपलब्ध करवाई जाती है।
मंत्री खींवसर ने कहा कि लिवो सिट्राजिन टेबलेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डायक्लोफेनिक इंजेक्शन, एलर्जी के उपचार में आवश्यक औषधि लिवोसिट्राजिन, क्लॉरफेनिरामीन, हाईड्रोसिजिन, लिवोसिट्राजिन प्लस मॉनटेल्यूकास्ट, फेक्सोफेनाडिन,
एजीथ्रोमाइसिन, ट्राइमोक्साजोल टेबलेट, लिसिनोप्रिल, रॅनिटिडाइन,एमाक्सीसिलिन कैप्सूल एवं टेबलेट, पैरासिटामोल टेबलेट, कफ सिरप सहित आवश्यक दवा सूची में सम्मिलित विभिन्न प्रकार की दवाओं की औषधि भण्डार गृहों एवं चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त उपलब्धता है।
