लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के विद्युत प्रसारण एवं वितरण तंत्र में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं। सरकार के बेहतर प्रबंधन और दूरगामी निर्णयों के चलते प्रदेश में घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी के दौरान भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
राज्य में अब तक 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 211 सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। इसी तरह 400, 220 और 132 केवी के 59 जीएसएस स्थापित किए गए हैं और 145 जीएसएस का कार्य प्रगति पर है।
ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा का भी बड़ा योगदान रहा है। राज्य में कुसुम योजना सहित अन्य परियोजनाओं के तहत लगभग 7,376 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित की गई है, जबकि कोयला आधारित परियोजनाओं से 7,830 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा किए गए सुधारों और मॉनिटरिंग के कारण उपभोक्ता शिकायतों में कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 41 हजार शिकायतें कम दर्ज हुई हैं, जिससे सिस्टम में सुधार का संकेत मिलता है।
गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग को देखते हुए डिस्कॉम्स ने ट्रांसफार्मर क्षमता विस्तार, फीडर विभाजन और नेटवर्क विस्तार जैसे कई तकनीकी सुधार किए हैं। इसके अलावा, लगभग 1,129 फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमें 24 घंटे उपभोक्ता शिकायतों के समाधान में जुटी हुई हैं।
प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखा गया है। हाल के दिनों में मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता अधिक रही है, जिससे कई अवसरों पर प्रदेश सरप्लस बिजली स्थिति में भी रहा है।
सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रसारण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है तथा स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।














































