लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्व वृद्धि के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी संचालन में राजस्व की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए और उसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में 1,69,627 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से नवंबर तक 84,746 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।
जीएसटी दरों में कमी का लाभ उपभोक्ता तक पहुंचे
मुख्यमंत्री शर्मा ने वाणिज्यिक कर विभाग को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए।
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फर्जी करदाताओं पर विशेष अभियान चलाया जाए।
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कर चोरी रोकने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।
सार्वजनिक परिवहन के लिए बढ़ें परमिट, ओवरलोडिंग पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए—
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सार्वजनिक परिवहन के लिए नई बसों पर अधिक परमिट जारी किए जाएँ।
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ओवरलोडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं बल्कि राजस्व की भी हानि होती है।
अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई हो
सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्य राज्यों से आने वाली अवैध शराब को रोकने के लिए आबकारी विभाग को पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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राज्य में अवैध शराब की बिक्री पर भी सख्त रोक लगाई जाए।
संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया हो सरल
मुख्यमंत्री ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को सरल और जनहितैषी बनाने के लिए कहा, ताकि आमजन को अधिक राहत मिल सके।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
