लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर । राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर प्रभावी रूप से काम कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के 7 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुमोदन किया।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम-2018 की धारा 17-ए के तहत एक प्रकरण में विस्तृत जांच का आदेश भी दिया। इसके साथ ही, राजस्थान प्रशासनिक सेवा के निलंबित अधिकारी के खिलाफ सीसीए नियम-16 के तहत दो अनुशासनात्मक जांच प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया।
साथ ही, सेवारत अधिकारियों के विरुद्ध तीन गंभीर प्रकरणों में वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई और नियम-16 सीसीए के तहत जांच निष्कर्षों को राज्यपाल के अनुमोदन हेतु अग्रेषित किया गया। सेवानिवृत्त अधिकारियों के दो प्रकरणों में पेंशन रोक कर दंडित किया गया और एक अपील याचिका को सीसीए नियम-34 के तहत खारिज कर पूर्व दंड को यथावत रखा गया।
इसके अलावा, लघु शास्ति के दो प्रकरणों में अपील स्वीकार की गई और संबंधित अधिकारियों को राहत प्रदान की गई, जबकि वृहत शास्ति के एक प्रकरण में आरोप प्रमाणित न होने पर अधिकारी को बरी किया गया।