लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मारवाड़ महोत्सव से सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम : धर्मेन्द्र प्रधान
मारवाड़ महोत्सव सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
ओडिशा/जयपुर । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मारवाड़ी समाज सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। वे सोमवार को ओडिशा के संबलपुर में आयोजित मारवाड़ महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा आध्यात्मिकता, संस्कृति, संस्कार, साहित्य और देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले वीरों की भूमि रही है। शौर्य और वीरता की धरती राजस्थान से आए मारवाड़ी समाज का अपनी मातृभूमि से गहरा जुड़ाव है।
ओम बिरला ने कहा कि मारवाड़ी समाज ओडिशा की धरती पर अपने कर्म, परिश्रम और उद्यम से अमूल्य योगदान दे रहा है। राजस्थान और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैचारिक समानताएं दोनों राज्यों को और अधिक मजबूती से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ने अपनी कड़ी मेहनत और व्यवहार से यहां के लोगों के दिलों में स्थान बनाया है और देश-दुनिया में त्याग, सेवा और समर्पण के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित की है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मारवाड़ी समाज जन्मभूमि से जुड़कर कर्मभूमि पर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करता है। आपदा और संकट के समय यह समाज सदैव सबसे पहले सहयोग के लिए आगे आता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और धर्मार्थ कार्यों के क्षेत्र में समाज द्वारा किए गए योगदान सराहनीय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रवासी राजस्थानियों को मातृभूमि से जोड़ने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए प्रवासी राजस्थानी दिवस के आयोजन को महत्वपूर्ण पहल बताया और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सभी से सकारात्मक योगदान का आह्वान किया।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना के तहत दोनों राज्यों में निवेश और सहयोग के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ महोत्सव जैसे आयोजनों से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम मिलता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी समाज देश-विदेश में अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार कर रहा है। शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्रों में मारवाड़ी समाज का योगदान अनुकरणीय है। यह समाज अपनी मेहनत, ईमानदारी और संस्कारों से राजस्थान की संस्कृति की खुशबू पूरे देश और दुनिया में फैला रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और भारतीय गौरव का अद्वितीय संगम है। यह आयोजन राजस्थान की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान को एक मंच पर लाकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ा गया। वर्तमान में राजस्थान फाउंडेशन के 40 चैप्टर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों की सहायता के लिए सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थानी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, वे मारवाड़ की अजेय भावना, शेखावाटी का उद्यमी जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता अपने साथ लेकर चलते हैं। मारवाड़ी समाज के परिश्रम से राजस्थान और ओडिशा मिलकर निरंतर प्रगति करेंगे।
इस अवसर पर ओडिशा सरकार के मंत्री रबी नारायण नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूर्यबंशी सूरज, अन्य जनप्रतिनिधि एवं मारवाड़ी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।