लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा, राजसमन्द
राजसमन्द: राजसमन्द जिले के कुरज कस्बे में गुरुवार को आयोजित चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन ने सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया। सम्मेलन में 31 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, परंपरा और सामाजिक एकजुटता की झलक साफ देखी गई।
आयोजन और स्वागत
वर-वधू सुबह करीब 8 बजे कुरज पहुंचे, इसके बाद बैंड-बाजों के साथ पारंपरिक बारात कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल पर पहुँची। ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर नवदंपतियों का स्वागत किया। विवाह संस्कार पंडितों द्वारा विधिवत संपन्न कराए गए।
सम्मेलन में जिला व ब्लॉक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन पदाधिकारी और ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का योगदान
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह आयोजन समाज को फिजूलखर्ची से दूर रखते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनते हैं। उन्होंने 80% से अधिक अंक अर्जित करने वाले छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
सामग्री और सहयोग
आयोजन समिति की ओर से सभी नवदंपतियों को घरेलू उपयोग की सामग्री और आवश्यक सहयोग सामग्री भेंट की गई। आयोजन के सफल संचालन में समिति सदस्य, स्वयंसेवक और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
तुलसीविवाह का आयोजन
सम्मेलन के दौरान तुलसी संग सालिग्राम विवाह का भी आयोजन हुआ। चारभुजानाथ मंदिर से गाजे-बाजे के साथ ठाकुरजी की बारात पहुँची, ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। विधिवत पूजन के बाद तुलसी मैया संग ठाकुरजी का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए।
उल्लेखनीय उपस्थितियां
पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बाबूलाल नागर, जिला प्रमुख रत्नी देवी चौधरी, कुरज प्रशासक सरपंच देउ बाईचौधरी, पूर्व विधायक बंशीलाल खटीक, खटीक समाज के जिलाध्यक्ष भेरूलाल चावला, सम्मेलन के अध्यक्ष रमेशचंद्र चंदेल सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे।