लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा |
राजसमंद| राजसमंद जिले के कुंवारिया कस्बे में तुलसी विवाह महोत्सव को लेकर धार्मिक उल्लास चरम पर है। पूरे कस्बे में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त है।
प्रजापत समाज द्वारा आयोजित यह आयोजन प्रजापत कुई प्रांगण में हो रहा है, जहां 31 अक्टूबर को दोपहर में भगवान शालिग्राम और तुलसी माता का विवाह विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराया जाएगा। आयोजन की तैयारियाँ जोर-शोर से जारी हैं।
समाज के सदस्य अजय प्रजापत ने बताया कि गुरुवार सुबह गाजे-बाजों और जयघोषों के साथ तुलसी माता की कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसके पश्चात भव्य बंदौली और महिला संगीत संध्या का आयोजन होगा।
श्रद्धा और परंपरा का संगम
बुधवार को विवाह पूर्व हल्दी और मेहंदी की रस्में बड़ी श्रद्धा के साथ निभाई गईं। समाज की महिलाएँ पारंपरिक परिधान में एकत्र होकर मंगल गीतों और भजनों से वातावरण को भक्तिमय करती रहीं। परिसर “हर-हर महादेव” और “प्रभु श्री चारभुजानाथ की जय” के जयकारों से देर तक गूंजता रहा।
समाजजनों के अनुसार, इस बार का तुलसी विवाह कार्यक्रम अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होगा। बंदौली में सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
भव्य आयोजन में शामिल होंगे समाजजन
इस अवसर पर नानालाल, लेहरु लाल, लक्ष्मण लाल, मीठालाल, नाथूलाल, बाबूलाल, हरिराम, आनंदीलाल, सुखलाल, श्यामलाल, प्रभुलाल, बद्रीलाल, घनश्याम, प्रकाशचन्द्र, जटाशंकर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
पूरे कुंवारिया कस्बे में तुलसी विवाह उत्सव को लेकर अपार उत्साह और श्रद्धा का माहौल है — गलियाँ, मंदिर और घर सजधज कर धार्मिक रंग में रंगे दिखाई दे रहे हैं।