लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
200 ट्रैक्टरों के साथ निकली विशाल रैली
गंगापुर सिटी/सवाई माधोपुर | बनी सिंह मीना
पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना की मांग को लेकर खंडीप गांव में चल रही किसान महापंचायत बुधवार को 13वें दिन भी जारी रही। आंदोलन में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। महापंचायत स्थल पर दिनभर किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही बनी रही तथा आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिखाई दिया।
बुधवार को नादौती तहसील के कैमला, कोडिया सहित आसपास के कई गांवों से किसान रैली के रूप में खंडीप पहुंचे। किसानों के अनुसार करीब 200 ट्रैक्टर, कई जेसीबी, दर्जनों जुगाड़ वाहन और डीजे के साथ निकली रैली ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की। खंडीप रेलवे स्टेशन के पास स्थित समपार फाटक से दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई रैली का सिलसिला लगभग 2:30 बजे तक चलता रहा।
ट्रैक पर पहुंचीं महिलाएं, प्रशासन में मची हलचल
रैली के दौरान दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच कुछ महिलाएं रेलवे ट्रैक पर पहुंच गईं और लोकगीतों पर नृत्य करने लगीं। इससे प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, आरएसी, एसटीएफ और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और समझाइश कर महिलाओं तथा अन्य लोगों को ट्रैक से हटाया।
हालांकि इस दौरान कोई यात्री या मालगाड़ी उस मार्ग से नहीं गुजरी, जिससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई।
प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता
इससे पहले मंगलवार को जिला कलक्टर कानाराम, पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने खंडीप पहुंचकर अटल सेवा केंद्र में किसानों और पांचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से वार्ता की थी। बैठक में गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा, संघर्ष समिति अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गांवों के पंच-पटेल और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
27 जून तक मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
वार्ता के दौरान किसानों ने एक स्वर में उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। संघर्ष समिति ने प्रशासन को स्पष्ट किया कि अब समाधान केवल सरकार स्तर पर ही स्वीकार होगा।
किसानों का कहना है कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि जल संकट के कारण हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है।
महापंचायत में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 27 जून तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 28 जून से आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने और न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की है।













































