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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया आदर्श डिफेंस एवं स्पोर्ट्स अकादमी का उद्घाटन

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – चन्द्रशेखर व्यास, जोधपुर

जोधपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को जोधपुर दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने आदर्श डिफेंस एवं स्पोर्ट्स अकादमी का उद्घाटन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे सिंह का राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, उद्योगपति नृसिंह कुलरिया, जसवंतसिंह बिश्नोई, डॉ. निर्मल गहलोत सहित कई गणमान्य नागरिकों ने साफा, श्रीफल, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

इस अवसर पर भामाशाह राधाकिशन दमानी की पुत्री मधु चांडक, परियोजना अध्यक्ष निर्मल गहलोत, अरुण गहलोत सहित कई भामाशाहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर शिलालेख का लोकार्पण किया, भोजनशाला और कॉन्फ्रेंस हॉल का निरीक्षण किया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया।


राजस्थान की वीर भूमि को किया नमन

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने राजस्थान की शौर्य भूमि को नमन किया और कहा कि यहां की मिट्टी में पराक्रम बसता है। उन्होंने महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास राठौड़, बप्पा रावल और पन्नाधाय जैसे वीरों का स्मरण किया। साथ ही भक्त शिरोमणि मीराबाई, धन्ना भगत और पीपा भगत का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा –
“राणा की शक्ति, मीरा की भक्ति, पन्नाधाय की युक्ति और भामाशाह की संपत्ति ही राजस्थान की पहचान है।”


शिक्षा और संस्कार पर दिया जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस विद्यालय में बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और चरित्र भी दिए जाएंगे। यही संस्था बच्चों के तन, मन, बुद्धि और आत्मा का समग्र विकास कर रही है।

उन्होंने कहा –
“इंद्रियों के सुख के लिए धन, बुद्धि के लिए ज्ञान और आत्मा के लिए भगवान चाहिए।”

उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह और खुदीराम बोस जैसे क्रांतिकारियों ने राष्ट्र के सम्मान के लिए हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया।


बदलते शिक्षा स्वरूप पर विचार

सिंह ने कहा कि इंटरनेट ने शिक्षा को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति के चलते शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया गुफाओं में रहती थी, तब भारत में भरत मुनि ने नाट्यशास्त्र लिखा, चरक और सुश्रुत ने चिकित्सा शास्त्र विकसित किया और आज हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में प्रयोग कर रहे हैं।


बच्चों को बताया देश का भविष्य

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस विद्यालय से निकले विद्यार्थी सेना में देश की सेवा करेंगे, विज्ञान और तकनीक में शोध करेंगे और खेलों में देश का नाम रोशन करेंगे। यह अकादमी न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में गौरव का प्रतीक बनेगी।


ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त की घटना के बाद उच्चस्तरीय बैठक में सेनाओं से पूछा गया – “क्या आप लोग ऑपरेशन के लिए तैयार हैं?”
इस पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने मुठ्ठी बांधकर एक स्वर में “हाँ” कहा।

प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद सेना ने पाकिस्तान की कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया और लक्ष्य को सटीक साधा। इस अभियान में बीएसएफ, एयरफोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का भी पूरा सहयोग रहा।


“हम धर्म नहीं, कर्म देखकर मारते हैं”

अपने संबोधन में सिंह ने कहा –
“भारत की पहचान वसुधैव कुटुम्बकम की भावना है। आतंकियों ने हमेशा धर्म देखकर निर्दोषों की हत्या की, जबकि हमारी सेनाओं ने कभी धर्म देखकर नहीं बल्कि उनके कर्म देखकर जवाब दिया। यही भारत की असली सोच और शक्ति है।”

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