लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
हैदराबाद। त्रयनगर स्थित श्री जैन श्वेताम्बर जिनकुशलसूरिजी दादाजी बाग मंदिर, कारवान दादावाड़ी में आयोजित श्री संघ शास्ता वर्षावास-2026 के अंतर्गत शनिवार को आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ने चातुर्मासिक मंगल प्रवचन में कहा कि “जिज्ञासा का समाधान ही जीवन की सही दिशा है।” उन्होंने कहा कि शंका मन में विष के समान होती है, इसलिए उसका समय रहते समाधान करना आवश्यक है।
आचार्य श्री ने कहा कि केवलज्ञान की प्राप्ति के बाद तीर्थंकर परमात्मा समवसरण में समस्त जीवों के कल्याण के लिए दिव्य देशना प्रदान करते हैं। गणधर भगवंतों ने उस दिव्य वाणी को आगमों में संकलित किया, जिनमें भगवती सूत्र सबसे विशाल और महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें लगभग 36 हजार प्रश्नों के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों का समाधान प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि जीवन में प्रश्न और जिज्ञासा में अंतर होता है। प्रश्न केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए होता है, जबकि जिज्ञासा का उद्देश्य आत्मपरिवर्तन और जीवन को सही दिशा देना होता है। यदि मन में कोई शंका उत्पन्न हो तो उसे दबाने के बजाय गुरु से समाधान प्राप्त करना चाहिए, क्योंकि शंका श्रद्धा और सम्यक्त्व को कमजोर कर सकती है।
आचार्य श्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को आकार देता है और सुनार सोने को तराशकर आभूषण बनाता है, उसी प्रकार सद्गुरु अनुशासन और मार्गदर्शन के माध्यम से साधक के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
प्रश्नोत्तरी सत्र के दौरान उन्होंने पूजा-विधि, सामायिक, देवद्रव्य, ज्ञानद्रव्य, गुरुद्रव्य, साधारण द्रव्य और जीवदया द्रव्य के शास्त्रीय उपयोग की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक द्रव्य का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए, जिसके लिए उसे समर्पित किया गया है।
अपने प्रवचन के समापन में आचार्य श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का पुरुषार्थ यही होना चाहिए कि वह अपने भीतर मोक्ष की पात्रता विकसित करे, जिज्ञासा को जीवंत रखे और परमात्मा की वाणी के अनुरूप अपने जीवन का रूपांतरण करे।
इस अवसर पर मुनि विरक्तप्रभसागरजी म.सा. ने बताया कि चातुर्मास के दौरान प्रत्येक शनिवार प्रश्नोत्तरी का विशेष आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु अपनी जिज्ञासाएं लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने रविवार को आयोजित होने वाले “माँ ही महोत्सव” विषयक विशेष प्रवचन तथा प्रत्येक रविवार दोपहर आयोजित बाल संस्कार शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रितेश बोहरा ने किया। इस अवसर पर चातुर्मास समिति के प्रधान संयोजक कुशल कांकरिया, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

















































