लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर प्रदेशभर में व्यापक जनसहभागिता, 5 दिनों में 7.31 लाख कार्यक्रम आयोजित
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ प्रदेशभर में जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। गंगा दशमी (25 मई) से शुरू हुए इस अभियान में मात्र पांच दिनों में लगभग 3 करोड़ नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है, जबकि 7 लाख 31 हजार 421 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टोंक के बीसलपुर बांध, भरतपुर के बंध बरेठा बांध और सुजान गंगा पर जल पूजन एवं दीपदान कर अभियान का शुभारंभ किया था। इसके बाद से अभियान गांव-गांव तक पहुंच गया है। शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कुओं, बावड़ियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, वर्षा जल संग्रहण, जल चौपाल, प्रभात फेरी और कलश यात्राओं में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
अभियान के अंतर्गत अब तक:
- 92,150 जल स्रोतों की सफाई
- 42,015 सरकारी भवनों की सफाई
- 52,934 स्थानों पर श्रमदान
- 36,822 पौधारोपण गड्ढों (पिट) की खुदाई
- 8,642 नए विकास कार्यों की शुरुआत
- 21,410 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं अवलोकन
- 32,437 कलश यात्राएं
- 13,886 जल चौपाल एवं प्रभात फेरियां
- 12,669 ग्राम सभाएं
- 4,215 बैठकें एवं सेमिनार
- 4,13,910 स्थानों पर पूजन, नुक्कड़ नाटक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम
आयोजित किए गए हैं।
इन गतिविधियों में 1 करोड़ 56 लाख 76 हजार 363 महिलाओं सहित कुल 2 करोड़ 99 लाख 75 हजार 255 लोगों ने भागीदारी निभाई है।
31 मई को मनाया जाएगा ‘नो प्लास्टिक डे’
अभियान के तहत 31 मई को:
- वंदे गंगा प्रभात फेरी
- जल संरक्षण रैली
- साइकिल रैली
- श्रमदान
- जल सेवा कार्यक्रम
- जल स्रोतों की सफाई
- पशु खेलियों एवं बावड़ियों की मरम्मत
- परिंडे बांधना
- दीप प्रज्वलन
- महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई
- प्लास्टिक कचरे का निष्पादन
जैसी गतिविधियों के साथ ‘नो प्लास्टिक डे’ मनाया जाएगा।
किसान कल्याण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
1 जून को किसान चौपाल, कृषि कार्यशालाएं, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई योजनाओं से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी। साथ ही सौर ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
2 से 5 जून तक विशेष कार्यक्रम
- 2 जून: जल संसाधन विभाग द्वारा नदी, बांध और नहरों पर विशेष कार्यक्रम, नए कार्यों का शिलान्यास।
- 3 जून: जिलों में नवाचार एवं विशेष जागरूकता कार्यक्रम।
- 4 जून: ‘रन फॉर एनवायरनमेंट’ का आयोजन और वर्षा जल संचयन संरचनाओं की सफाई।
- 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस): तुलसी वितरण, नर्सरी स्वच्छता अभियान, ईको-फ्रेंडली गतिविधियां, सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को ‘जल गौरव सम्मान’ प्रदान किया जाएगा।
पिछले वर्ष भी मिला था व्यापक जनसमर्थन
वर्ष 2025 में आयोजित अभियान में 2 करोड़ 53 लाख नागरिकों ने भाग लिया था। अभियान के दौरान एक लाख से अधिक स्थानों पर श्रमदान, करोड़ों पौधारोपण गड्ढों की खुदाई, हजारों जल स्रोतों की सफाई तथा जल संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य संपन्न किए गए थे।
राज्य सरकार का उद्देश्य इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाकर जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सतत विकास की दिशा में व्यापक जनजागरण करना है।