लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
14 साल 5 महीने सजा काटने के बाद युवक की भावुक अपील
आपसी रंजिश में हत्या के मामले में सजा काट चुके युवक ने युवाओं से कहा— एक पल का गुस्सा पूरी जिंदगी बदल सकता है
जोधपुर/नागौर | प्रदीप कुमार डागा
आपसी रंजिश में हत्या के एक मामले में 14 साल 5 महीने की सजा काटने के बाद जेल से रिहा हुए एक युवक ने समाज, विशेषकर युवाओं से अपराध, नशे और गुस्से से दूर रहने की अपील की है। युवक का कहना है कि एक पल का आवेश और गलत फैसला इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकता है।
युवक ने अपने जेल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेल का जीवन बेहद कठिन होता है। उसके अनुसार, “जेल एक जीता-जागता नरक है। वहां न घर जैसा माहौल होता है और न ही परिवार का साथ। जो लोग सोचते हैं कि जेल की सजा आसान होती है, वे गलत हैं। मैंने अपनी जिंदगी के 14 साल 5 महीने जेल में बिताए हैं और वहां जीवन के कई कठिन दौर देखे हैं।”
“नशा और गुस्सा अपराध की बड़ी वजह”
युवक ने युवाओं से हर प्रकार के नशे और अनावश्यक विवादों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि अधिकांश अपराधों और झगड़ों की शुरुआत नशे और अनियंत्रित गुस्से से होती है। उसने कहा कि परिवार, दोस्तों या रिश्तों में छोटे-मोटे मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन इन्हें बढ़ाकर हिंसा का रूप देना जीवनभर का पछतावा बन सकता है।
माता-पिता की बात मानने की दी सलाह
अपने संदेश में युवक ने युवाओं से माता-पिता के मार्गदर्शन में चलने की भी अपील की। उसने कहा कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चों का भला चाहते हैं और उनका अनुभव जीवन में सही दिशा देता है। उसके अनुसार, गलत संगत और अपनी मनमर्जी कई बार युवाओं को ऐसे रास्ते पर ले जाती है, जहां से लौटना मुश्किल हो जाता है।
युवक ने अंत में कहा कि जीवन अनमोल है और इसे गुस्से, नशे या आपसी रंजिश में बर्बाद नहीं करना चाहिए। सभी को प्रेम, संयम और समझदारी के साथ जीवन जीना चाहिए, ताकि किसी को भी जेल जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।













































