लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (भोपाल) ने राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और चौड़ीकरण के दौरान काटे गए लाखों पेड़ों के बदले लगभग 8.5 लाख पेड़ न लगाने के मामले में वन विभाग की उदासीनता पर सख्त कार्रवाई की है।
एनजीटी ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, जयपुर को शीघ्र जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया तो अगली सुनवाई में उन्हें 19 मार्च, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश है।
इसके अलावा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वन विभाग में जमा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि का पूरा विवरण दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जनहित याचिकाकर्ता बाबूलाल जाजू ने कहा कि यह आदेश प्रदेश में सड़क निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के लिए दिए गए पौधरोपण निर्देशों की अवहेलना के खिलाफ मजबूरी में उठाया गया कदम है।
