लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
शहर में बच्छ बारस का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। महिलाओं ने समूह में जाकर फुलवारी मोहल्ला, बावड़ी का चौक, खतौली दरवाजा सहित अनेक स्थानों पर गाय व बछड़े की पूजा की। श्रद्धालु महिलाओं ने गौ माता को तिलक लगाकर वस्त्र अर्पण किए। गौ माता व बछड़े को बाजरे, मक्का व जवार की रोटी खिलाई, भीगे हुए चने के साथ गुड अर्पण किया। कई स्थानों पर गाय के ग्वाले का भी सम्मान किया गया।
श्रद्धालु महिलाओं ने ग्वाले को वस्त्र व उपहार दिए। महिलाओ ने राम रघुनाथ मंदिर में आकर बच्छ माता की पूजा कर कथा श्रवण की। मंदिर पुजारी अमित भारद्वाज व प्याल के बालाजी मंदिर में पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा महिलाओं को बच्छ बारस की कथा सुनाई गई। इस अवसर पर राम रघुनाथ मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दिन गेहूं की रोटी नहीं खाई जाती है इसलिए घरों में मक्का,ज्वार,बाजरे की रोटी व चने के बरिया बनाए गए।
इस दिन महिलाओं द्वारा गाय के दूध से निर्मित व्यंजन एवं चाकू से काटी गई सब्जियों का परित्याग किया जाता है। राम रघुनाथ मंदिर के रमेश जांगिड़ ने बताया कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को बच्छ बारस का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए करती है। इस व्रत को करने से अकाल मृत्यु की संभावना समाप्त हो जाती है।
