लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डोटासरा अपना शिक्षा मंत्री कार्यकाल भूल गए, गहलोत के सामने शिक्षकों ने मानी थी रिश्वत लेकर तबादले की बात
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेश की भाजपा सरकार को युवा-हितैषी बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर वर्ष 2026 के लिए एक लाख से अधिक सरकारी पदों का भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को ऐतिहासिक सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि यह 44 भर्ती परीक्षाओं का स्पष्ट रोडमैप है, जिससे युवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से तैयारी का अवसर मिलेगा। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ईमानदार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राठौड़ ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में पांच वर्षों में चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का वादा किया था। इसके अनुरूप पिछले दो वर्षों में 92 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.53 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पांच साल के शासनकाल में कुल 2 लाख 7 हजार 570 सरकारी भर्तियां की गईं, जिनमें से 82 हजार संविदा आधारित थीं। वहीं करीब 31 हजार भर्तियां आज भी विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में 296 परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रदेश में बेरोजगारी की औसत दर 26 प्रतिशत रही, जबकि भाजपा सरकार में जुलाई-सितंबर 2025 तक यह घटकर 7.4 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और राजस्थान रोजगार नीति-2026 लागू कर सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिससे मार्च 2029 तक लगभग 15 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राजस्थान पेपर लीक, बेरोजगारी और नेटबंदी के लिए जाना जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने इन कलंकों को मिटाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय 1.66 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर अनुमानित 2.37 लाख रुपये हो गई है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का है, जिसके लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ एमएसएमई, स्टार्टअप, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए राठौड़ ने कहा कि वे शायद अपना शिक्षा मंत्री का कार्यकाल भूल गए हैं, जब शिक्षकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने खुलेआम रिश्वत लेकर तबादले कराने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उस समय की सरकार की कार्यशैली और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। पारदर्शी भर्ती के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र के उन्नयन और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में तीन हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं और उन्हें फंडिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों को भी जवाबदेह बनाया गया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस आपसी फूट से जूझ रही है और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संवेदनशील सरकार और दिशाहीन विपक्ष के चलते वर्ष 2028 में राजस्थान में फिर से भाजपा का कमल खिलेगा।
प्रेसवार्ता में भाजपा महामंत्री कैलाश मेघवाल, प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप धनकड़ तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ भी उपस्थित रहे।