लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सेमारी में राष्ट्र संत गणिनी 105 सुप्रकाशमति माताजी के प्रवचन
सेमारी (सलुम्बर)। वर्तमान समय में राष्ट्र संत गणिनी 105 सुप्रकाशमति माताजी ससंघ सेमारी में प्रवासरत हैं। इसी क्रम में आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित प्रातः कालीन प्रवचनमाला के दौरान उन्होंने आधुनिक भौतिकवादी जीवनशैली से हटकर पुनः प्राचीन भारतीय संस्कृति की ओर लौटने का प्रेरक संदेश दिया।
प्रवचन में सुप्रकाशमति माताजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति शरीर, मन और अध्यात्म—तीनों के संतुलित समन्वय पर आधारित है। इसी संतुलन के माध्यम से मानव अपने जीवन के उद्देश्य और लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि गुरुजनों की चरण वंदना और उनके सान्निध्य से किस प्रकार “जंगल में मंगल” जैसी भावना साकार हो जाती है।
उन्होंने बताया कि आगामी 15 से 17 जनवरी तक सेमारी में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इस दौरान जिन गुण संपत्ति विधान, आचार्य गुरुवर अभिनंदन सागर जी महाराज का समाधि दिवस, गुरु मां का दीक्षा दिवस एवं आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भव्य रूप से मनाया जाएगा।
इन आयोजनों को लेकर सेमारी सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
