आरोपियों को बाजार में घुमाया, लोगों ने लगाए ‘पुलिस जिंदाबाद’ के नारे

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

बयाना लूटकांड

बयाना, राजस्थान।
बयाना में सर्राफा व्यापारी पिंटू सोनी से हुई लूट के सनसनीखेज मामले में बयाना पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मुख्य बाजार में जुलूस के रूप में घुमाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए और राजस्थान पुलिस जिंदाबाद के नारों से क्षेत्र गूंज उठा।

पांचों आरोपियों को हथकड़ियों में जकड़कर पैदल घुमाया गया। उनके चेहरे अपराध की भयावहता बयां कर रहे थे। बाजार में मौजूद लोगों ने आरोपियों को देखकर नाराज़गी व्यक्त की और उनके खिलाफ जमकर विरोध जताया। व्यापारी वर्ग ने विशेष रूप से पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और जनसमर्थन देखने को मिला।


जेल से छूटकर बनाई नई गैंग, अपराध की दुनिया में लौटे

गिरफ्तार आरोपियों में यूपी निवासी श्यामवीर सिंह, उसकी बहन सुमन, आगरा के आसिफ उर्फ आरिफ, अलीहुसैन और राजकुमार शामिल हैं। मुख्य आरोपी श्यामवीर, बयाना के चर्चित साहिल जैन हत्याकांड में भी शामिल रहा है। जमानत पर जेल से छूटने के बाद उसने एक नई गैंग बनाई और फिर से अपराध में सक्रिय हो गया। यह गिरोह विशेष रूप से सर्राफा व्यापारियों को निशाना बनाता था।


हथियार और लूटा गया माल बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टे, आठ जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन, लोहे की रॉड, मिर्ची पाउडर और दो चोरी की बाइकें बरामद की हैं। इसके अलावा, व्यापारी से लूटा गया कुछ माल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।


लूट की घटना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

यह लूट की घटना 27 अगस्त की शाम को सालाबाद रेलवे फाटक के पास हुई थी। बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर सर्राफा व्यापारी पिंटू सोनी से 80 हजार रुपये नकद और जेवरात लूट लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत और डिप्टी एसपी कृष्ण राज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।


जनता का समर्थन और पुलिस की सक्रियता का उदाहरण

बाजार में आरोपियों को घुमाए जाने के दौरान आम जनता में राहत और संतोष का भाव देखने को मिला। व्यापारी वर्ग ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत और डिप्टी एसपी कृष्ण राज भी मौके पर मौजूद रहे और जनता का सहयोग स्वीकार किया।

यह घटना न केवल पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का प्रमाण है, बल्कि आम जनता की जागरूकता और सहयोग का भी प्रतीक बनी है। बयाना में अपराधियों के खिलाफ इस कदम ने सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ाया है।

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