लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीसांगन (अजमेर)।
स्थानीय संवाददाता : ओमप्रकाश चौधरी
अजमेर के आनासागर झील से स्केप चैनल के माध्यम से छोड़ा गया पानी अब पीसांगन उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुरा डाबला की सरहद तक पहुंच गया है। करीब 36 किलोमीटर की यात्रा तय कर यह पानी सागरमती नदी के माध्यम से क्षेत्र में पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है।
रामपुरा डाबला प्रशासक सीमा चौधरी ने बताया कि आनासागर से निकला जल प्रवाह खानपुरा, दौराई, डूमाड़ा, भांवता, नूरियावास और बुधवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए रामपुरा डाबला क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यह पानी कालेसरा रोड होते हुए सागरमती नदी के कैचमेंट एरिया में स्थित खेजड़ा नाड़ी और हनुवंतपुरा मार्ग तक पहुंचकर क्षेत्र की धरती को तर करेगा।
गोविंदगढ़ बांध तक पहुंचेगा पानी
प्रशासक सीमा चौधरी के अनुसार हनुवंतपुरा मार्ग के बाद यह जलधारा लगभग 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर पीसांगन क्षेत्र से गुजरते हुए गोविंदगढ़ बांध तक पहुंचेगी। आनासागर से लगभग 44 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यह पानी गोविंदगढ़ बांध में पहुंचकर बांध के जलस्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भूजल स्तर बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि गत वर्ष हुई अच्छी वर्षा के बाद इस बार आनासागर का अतिरिक्त पानी बहाव क्षेत्र और उसके आसपास स्थित कुओं एवं नलकूपों के पुनर्भरण में सहायक साबित होगा। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका लाभ किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा।
लूणी नदी के प्रवाह को मिलेगा बल
गोविंदगढ़ बांध से आगे यह पानी सागरमती और सरस्वती नदियों के संगम स्थल से उद्गमित मरुगंगा लूणी नदी में प्रवाहित होगा। इसके बाद जलधारा नागौर, पाली, जोधपुर और बालोतरा जिलों से गुजरते हुए आगे कच्छ क्षेत्र की ओर बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में इस प्रकार का जल प्रवाह देखने को मिल रहा है, जिससे न केवल भूजल पुनर्भरण होगा बल्कि पर्यावरण और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।