लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
बीकानेर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज बीकानेर में मीडिया से वार्ता में खुलकर बात की। इस दौरान वे केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसे। अशोक गहलोत ने इलेक्शन कमिशन से लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा की इलेक्शन कमिशन, नई बात क्या है भाई आरोप तो खुला है कांग्रेस का, और वह बिहेव्यर बदल गया है, निष्पक्ष वाली बात तो छोड़ दिजिए, जो एट लीस्ट कर्टसी होती है, कर्टसी होती है, वह बदल गई है, आप कल्पना कीजिए , फैसला तो कोई जज क्या देता है, या इलेक्शन कमिशन क्या देता है उसके ऊपर है, उसको मानना ही पड़ता है सब लोगों को, चाहे मजबूरी में मानो चाहे वह स्वीकार करो, परंतु व्यवहार जो मैंने देखा है इलेक्शन कमिशन का चिट्ठियों का जवाब जो वापस आता है, खड़गे साहब के पास में या राहुल जी के पास में या सोनिया जी के पास में, या वह जो बोलतें है, मिटिंगों में जाते है अभी दुर्व्यवहार किया गया, जो डेलीगेशन गया था पिछली बार उसके साथ में दुर्व्यवहार किया न , तो वह बाहर आकर बोले भी है कि हमारें साथ व्यवहार अच्छा नही किया गया है, मैं भी यह कह रहा हूँ एक बार गया था मैने उस दिन महसूस किया, मैने तो खाली महसूस किया, इन्होने तो व्यवहार को भुगत के आए हैं यह लोग यह तरीका है इलेक्शन कमीशन को अपना जुडिशियरी में क्या कहतें है, न्याय जो खाली दिखना भी चाहिये, खाली होना ही नहीं चाहिये, इनको चाहिए कम से कम न्याय दिखाओ तो सही , वह ही नहीं दिखाते आप लोग ।
बीजेपी वाले तो विपक्ष को दुश्मन मानकर काम कर रहे हैं, अब जनता ही निकाले रास्ता
जब दुश्मन मान रहे है हम लोगो को बीजेपी वाले तो, पब्लिक ही रास्ता निकालेगी और पब्लिक रास्ता निकाल सकती है, पब्लिक का कॉमनसेंस एक्सट्राऑर्डिनेरी देश के अंदर है, एक्सट्राऑर्डिनेरी, ओवर कॉमनसेंस पढ़े लिखे कम हो सकतें है लोग इस देश के अंदर अनपढ़ भी हो सकतें हैं, पर गॉड गिफ्ट उनको है कि उनका जो रोबस्ट कॉमनसेंस है, अक्ल होशियारी, एक्सट्राऑर्डिनेरी, जब घर बैठे इंदिरा जी के वक्त पूरी कांग्रेस साफ हो गई थी इंदिरा जी खुद ही चुनाव हार गईं थी, आंधी चली ढाई साल कें अंदर इंदिरा जी की, दोनो उदाहरण एक लीजिये जब हराया सबको वह उदाहरण, ढाई साल में आंधी चली इंदिरा गांधी की ढाई साल में कैसे चल गयी, जिनको आपने घर बैठा दिया हो ढाई साल में लोग कहते थें गया हुआ राज वापिस कभी नही आएगा , वह राज आपका ढाई साल में वापस आ गया, हम लोग एमपी उस वक्त बनें थें, 45 साल पहलें और इंदिरा गांधी की आंधी चली थी देश के अंदर फिर वह शहीद हो गयी देश के लिये कभी बोलतें है यह लोग राजीव गांधी शहीद हो गये, या इंदिरा गांधी शहीद हो गयीं, पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये, खालिस्तान नहीं बनने दिया, यह हमारी उपलब्धि हैं और इतिहास को याद नही करती है वर्तमान सरकार जो लोग इतिहास को भुला देतें है, वह खुद कभी इतिहास नही बना पाते हैं, यह मेरा मानना है।
अमित शाह के पीओके संबंधी बयान को लेकर प्रश्न के उत्तर में :
यह उनको कहो झूठ बोलना बंद करें, जुमलेबाजी बंद करें, जवाब इसका दे जो पहलगांव में घटना हुई उसमें चूक कहाँ हुई कितने लोगों को आपने सजा दी है उसके लिए , हमारे तो मुख्यमंत्री इस्तीफे हो गए ,, गृहमंत्री भारत सरकार का इस्तीफा हो गया, बम्बई के अंदर सभी आतंकवार्दी को मार दिया गया उस वक्त पर 1 को छोड़कर के, एक बच गया था उसको फांसी मिली बाद में, इनको पूछा आपने यह घटना इतनी बड़ी घटित हुई है, आप जिम्मेवारी ले नहीं रहे हो, आप इस्तीफा क्यों नहीं देते हो, गृहमंत्री जी इस्तीफा क्यों नहीं देते है बता दीजिएआप, इतनी बड़ी घटना हुई है, कोई हलचल नहीं है, जांच तक नही बैठा पाए आप ढंग सें, जांच हो नहीं पाई , और अखिलेश यादव ने ठीक कहा कि भई आज पार्लियामेंट शुरू हो रही है, कल ही एनकाउंटर क्यों हुआ, पहलें क्यो ना आपने इम्मेडिएटली भाग कैसे गए वह लोग इतने महीने तो यह तमाम क्वेश्चन मार्क करते है।
कांग्रेस फिर सत्ता में आएगी
अरे छोड़िए और क्या कहेंगे वह लोग इनके देखते हुए सत्ता में आएँगे, भगवान सबको लंबी उम्र दें इन लोगों को, एक बार भैरोसिंह जी ने कह दिया था, मेरे जीते जी कांगेेस को सत्ता नें नही आने दूंगा, मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष था, मैंने कहा भैरोसिंह जी आपके जीते जी कांग्रेस सत्ता में आएगी , भगवान आपको लंबी उम्र दें, और आज हमारा शासन आप देखो, संयोग से 8 महीनें बाद में खुद ही मुख्यमंत्री बन गया, यह बात मैंने भैरोंसिंह जी को हाउस में सुनाई थी, इसलियें अमित शाह जी को भी मैं यह ही कहना चाहता हूँ, भगवान आपको लम्बी उम्र दें आप देखिये अगली बार चुनाव आ रहें है, अभी आपकी स्थिति खराब हो गई है 240 पर तो आप आ गये हो, आपकी सरकार नहीं बनी है, आपका एनडीए गर्वेमेंट है बीजेपी गर्वेमेंट नही है, इसलिये यह बातें तो कोई मानता नही है।
