लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
साइबर ठगी को लेकर नई एडवाइजरी जारी
जयपुर: (रूपनारायण सांवरिया) वेडिंग सीजन के दौरान जहां लोग खुशियों में व्यस्त हैं, वहीं साइबर अपराधी इसी मौके का फायदा उठाकर ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक नई एडवाइजरी जारी कर आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
एडीजी साइबर क्राइम वी. के. सिंह के निर्देश पर जारी इस चेतावनी में बताया गया है कि ठग अब व्हाट्सएप पर डिजिटल शादी के कार्ड के नाम पर खतरनाक लिंक और फाइल भेज रहे हैं। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार, ये फाइलें और लिंक मोबाइल में पहुंचते ही निजी जानकारी चुरा सकते हैं और बैंक खातों तक को खाली कर सकते हैं।
ठगी के 3 खतरनाक तरीके
1. APK फाइल फ्रॉड
अपराधी “Marriage.apk” नाम से फाइल भेजते हैं। इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करते ही फोन का पूरा कंट्रोल हैकर के पास चला जाता है—जिसमें कैमरा, माइक्रोफोन और एसएमएस शामिल हैं। इसके जरिए वे ओटीपी हासिल कर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं।
2. फिशिंग लिंक फ्रॉड
इसमें एक वेब लिंक (जैसे bit.ly/wedding-invite) भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही नकली पेज खुलता है, जो मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल्स मांगता है या फिर चुपचाप स्पाइवेयर डाउनलोड कर देता है।
3. इमोशनल ब्लैकमेल/अर्जेंसी फ्रॉड
हैकर किसी परिचित का अकाउंट हैक कर मैसेज भेजते हैं, जैसे—“भाई, शादी का कार्ड भेजा है, जल्दी देखो।” पहचान का नाम देखकर लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
कैसे करें बचाव?
- फाइल एक्सटेंशन जांचें: अगर फाइल के अंत में .apk लिखा है, तो उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें।
- Google Play Protect ऑन रखें: फोन की सुरक्षा सेटिंग्स में इसे सक्रिय रखें।
- फोन पर पुष्टि करें: संदिग्ध लिंक या कार्ड मिलने पर संबंधित व्यक्ति से कॉल करके पुष्टि जरूर करें।
- अनजान लिंक से बचें: छोटे लिंक (bit.ly, tinyurl) पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो तुरंत:
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
- साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
- आधिकारिक पोर्टल: https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
- नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें
जयपुर से जारी इस एडवाइजरी का मकसद लोगों को जागरूक करना है, ताकि खुशियों के इस मौसम में कोई भी साइबर अपराध का शिकार न बने।
