लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)।
राज्यसभा सांसद मदान राठौड़ ने कहा है कि भारत गौरव ट्रेनें भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को देश और दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम बन गई हैं। केंद्र सरकार ने राठौड़ के सवाल के जवाब में इस योजना की सफलता और दूरदर्शी सोच को स्पष्ट किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवंबर 2021 में लागू इस नीति के तहत थीम-आधारित पर्यटन सर्किट ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
राठौड़ ने कहा कि इस योजना से देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ा है और पर्यटन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। अब तक भारतीय रेल के 11 जोनों में 22 सेवा प्रदाता पंजीकृत हैं, जो 12 रेकों का संचालन कर रहे हैं। 30 नवंबर 2025 तक इन ट्रेनों ने 3,62,880 पर्यटकों को लेकर 590 यात्राएँ पूरी की हैं, जो देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख पर्यटन स्थलों को कवर करती हैं।
उन्होंने इस योजना को “विरासत भी, विकास भी” की सोच का सशक्त उदाहरण बताया। निजी भागीदारी के प्रोत्साहन से न केवल रेलवे सेवाओं को आधुनिक बनाया गया है, बल्कि पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। राठौड़ ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।




















































