लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर (बृजकिशोर परीक)।
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन से अधिवक्ताओं को नई दिशा और वैचारिक ऊर्जा मिलेगी। अधिवक्ताओं की भूमिका केवल पेशे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में भी उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह विचार परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर गलोतरा ने जोधपुर प्रांत में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के पोस्टर विमोचन समारोह में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पेशेवर दक्षता के साथ भावनात्मक समझ (इमोशनल इंटेलिजेंस) के साथ कार्य करना होगा, तभी न्याय व्यवस्था और समाज दोनों मजबूत होंगे।
इस अवसर पर प्रांत महामंत्री श्याम पालीवाल ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय अधिवेशन की मेजबानी जोधपुर प्रांत को मिली है, जिसमें देशभर से 4,000 से अधिक अधिवक्ता भाग लेंगे।
राजस्थान हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन प्रत्येक तीन वर्ष में आयोजित होता है और इससे पहले कुरुक्षेत्र, लखनऊ और बैंगलोर में हो चुका है।
प्रांत अध्यक्ष सुनील जोशी ने कहा कि मारवाड़ की अतिथि परंपरा के अनुरूप देशभर से आने वाले अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों का भव्य स्वागत किया जाएगा।
अतिरिक्त महाधिवक्ता श्यामसुंदर लदरेचा ने बताया कि 26 से 28 दिसंबर 2025 तक बालोतरा में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय अधिवेशन में सर्वोच्च न्यायालय व विभिन्न हाईकोर्ट्स के न्यायाधीश और प्रतिष्ठित कानून विशेषज्ञ भाग लेंगे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता कांतिलाल ठाकुर, प्रांत कोषाध्यक्ष कमलेश रावल, अधिवक्ता अजय व्यास सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु टाक ने किया।
















































