लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
वेदांता समूह की ऐतिहासिक उपलब्धि
राजस्थान में 6,600 से अधिक नंद घर; अगले दो वर्षों में 25,000 केंद्र स्थापित करने की तैयारी
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
बाल दिवस 2025 पर वेदांता समूह की सामाजिक प्रभाव इकाई अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। वेदांता की प्रमुख सामाजिक पहल नंद घर ने पूरे देश के 16 राज्यों में 10,000 से अधिक केंद्र स्थापित कर लिए हैं। ये केंद्र प्रतिदिन 4 लाख से अधिक बच्चों और 3 लाख महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास की सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
राजस्थान में नंद घरों की संख्या लगातार बढ़ते हुए 27 जिलों में 6,500 से अधिक हो चुकी है। इसमें हिंदुस्तान जिंक का महत्वपूर्ण योगदान है, जिसके माध्यम से लगभग 3.7 लाख महिलाओं और बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
आधुनिक आंगनवाड़ी का मॉडल: नंद घर
नंद घर आंगनवाड़ी प्रणाली को आधुनिक बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी बदलाव ला रहा है। हर नंद घर को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम सुविधाओं से लैस किया गया है, जिनमें शामिल हैं—
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स्मार्ट क्लासरूम व डिजिटल लर्निंग उपकरण
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विश्वसनीय बिजली व्यवस्था
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स्वच्छ पेयजल
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बच्चों के अनुकूल फर्नीचर
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साफ-सुथरे शौचालय
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पोषण कार्यक्रम, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच
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महिलाओं हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण
नंद घर न केवल प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती देता है, बल्कि पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार लाता है।
8 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं तक पहुंच का लक्ष्य
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा—
“नंद घर का सपना यह था कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा और हर महिला को आत्मनिर्भरता मिले। आज 10,000 नंद घर पूरे होने पर यह सपना साकार होता दिख रहा है। हम 8 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने सरकार और स्थानीय समुदायों के सहयोग को इस मिशन की मुख्य शक्ति बताया।
देशभर में बढ़ रहा असर
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अब तक 80 लाख से अधिक पोषण सप्लिमेंट वितरित
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स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों से 90 लाख लोगों तक पहुंच
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डिजिटल शिक्षा से बच्चों की मजबूत प्री-स्कूल नींव
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कौशल प्रशिक्षण से हजारों महिलाएं हर माह ₹10,000 तक की आय अर्जित कर रहीं
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ग्रामीण स्तर पर नंद घर सामुदायिक विकास का मजबूत मॉडल बन चुका है
राजस्थान सहित ओडिशा, यूपी, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस पहल की व्यापक सफलता देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों की बदलती सोच
राजस्थान की नंद घर दीदी सुनीता देवी बताती हैं:
“पहले आंगनवाड़ी एक छोटा कमरा मात्र था, आज नंद घर गांव का गौरव बन चुका है।”
ओडिशा की रेखा कहती हैं:
“नंद घर ने महिलाओं की भूमिका को बदला है—अब हम आत्मनिर्भर हैं और दूसरों को भी सशक्त बना रहे हैं।”
अगला लक्ष्य: राजस्थान में 25,000 नंद घर
वेदांता समूह अगले दो वर्षों में केवल राजस्थान में ही 25,000 नंद घर स्थापित कर 20 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रहा है। यह सार्वजनिक-निजी साझेदारी का एक नया मानदंड बनेगा।















































