लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां।
राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ रियांबड़ी के तत्वावधान में चल रहे द्वितीय व तृतीय सोपान प्रशिक्षण शिविर का रविवार गतिविधियों, अनुशासन और उत्साह से भरपूर रहा।
सुबह शिविरार्थियों ने बीपी–6, सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास से दिन की शुरुआत की।
अनुशासन और नेतृत्व के प्रतीक बने स्काउट्स
सवा नौ बजे हुए ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथि पवन कुमार सांड और विनोद कुमार हटीला ने ध्वज वंदन किया।
हटीला ने शिविरार्थियों के लिए 80 लीटर दूध उपलब्ध कराने की घोषणा कर बच्चों में नई ऊर्जा भरी। उन्होंने कहा कि “स्काउट यूनिफॉर्म अनुशासन का प्रतीक है और हर विद्यार्थी को स्काउटिंग से जुड़कर व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।”
मुख्य अतिथि पवन सांड ने कहा कि स्काउटिंग बच्चों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और सेवा भावना को विकसित करती है। उन्होंने कहा कि शिविर में सिखाई जा रही कलाएं जीवन–कौशल को मजबूत बनाती हैं।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और पायनियरिंग गतिविधियां
ध्वजारोहण के बाद प्रशिक्षकों ने शिविरार्थियों को पायनियरिंग, आग जलाना–बुझाना, भोजन निर्माण, प्राथमिक उपचार, अनुमान लगाना, दिशा ज्ञान, गांठ बांधने की तकनीक और शिविर कला का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
शिविरार्थियों ने समूह अनुशासन, नेतृत्व कौशल और टीमवर्क का अभ्यास भी किया।
जोगोलाई बाबा धाम का भ्रमण
शिविरार्थियों ने जोगोलाई बाबा धाम और राना बाई धाम का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने खोज चिन्हों, दिशा–सूचक संकेतों और पाथ–फाइंडिंग तकनीक का उपयोग कर स्काउटिंग अनुशासन का पालन किया।
रात्रिकालीन शिविर ज्वाल बना आकर्षण
शनिवार रात आयोजित रात्रिकालीन शिविर ज्वाल कार्यक्रम शिविर का मुख्य आकर्षण रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पीपीएस के प्रधानाचार्य विजय सिंह राठौड़ और ज्योति बाल मंदिर के प्रधानाचार्य श्रवण जोशी ने स्काउटिंग की सेवा, अनुशासन और सहयोग परंपरा की सराहना की।
शिविरार्थियों ने देशभक्ति गीत, लोकगीत, समूह नृत्य, नाटक और स्काउटिंग आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों की तालियां बटोरीं। बच्चों का मंच संचालन और प्रस्तुति कौशल विशेष रूप से सराहनीय रहा।
आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व विकास शिविर का उद्देश्य
स्थानीय संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और जीवन–कौशल का विकास करना है।
आगामी दिनों में भी कई रोचक गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।














































