लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
बड़े चारभुजानाथ की बारात ने खींचा जनसमुदाय का ध्यान
राजसमंद (गौतम शर्मा)।
राजसमंद जिले के कुंवारिया स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमवार को भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के बीच तुलसी माता और भगवान शालिग्राम का विधि-विधानपूर्वक विवाह संपन्न हुआ।
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्ति गीतों और जयघोषों से गूंज उठा।
भव्य बारात ने बांधा समा
विवाह से पूर्व बड़े चारभुजानाथ मंदिर से ठाकुरजी की भव्य बारात निकाली गई।
डीजे पर बजते धार्मिक भजनों की धुनों पर महिलाएं और पुरुष पारंपरिक परिधान में नृत्य करते हुए चल रहे थे।
रास्तेभर “जय श्री चारभुजानाथ” के जयघोष गूंजते रहे।
दरवाजा, सदर बाजार सहित मार्गों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर ठाकुरजी का स्वागत किया, वहीं आतिशबाजी ने माहौल को उत्सवी बना दिया।

श्रद्धा और वैदिक विधि से हुआ विवाह संस्कार
पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर तोरण की रस्म बड़े श्रद्धाभाव से पूरी की गई। इसके बाद तुलसी माता और भगवान शालिग्राम के फेरे संपन्न हुए।
इस दौरान 32 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन में आहुतियां दीं।
महिलाओं द्वारा गाए गए मंगल गीतों ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।

महाप्रसाद का आयोजन, उमड़ा भक्तों का सैलाब
विवाह उपरांत हथलेवा और विशेष आरती का आयोजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम में ग्रामवासियों, भक्तों और मंदिर समिति के सदस्यों की विशेष भूमिका रही।
धार्मिक रंगों में डूबे इस आयोजन ने पूरे कस्बे में भक्ति, प्रेम और उल्लास का संदेश फैलाया तथा जनमानस को धार्मिक एकता और संस्कृति के भाव से ओतप्रोत कर दिया।


















































