लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
संत-महंतों के सानिध्य में हुआ देवउठनी एकादशी उत्सव
जयपुर।
श्री गोविंद धाम की कृपा से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन गोपालपुरा स्थित बसंत विहार कॉलोनी में 30 अक्टूबर से जारी है। कथा व्यासपीठ से डॉ. प्रशांत शर्मा अपनी संगीतमय वाणी में भक्तों को कथा श्रवण करवा रहे हैं।
कथा के क्रम में देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर शुक्रवार को नंदोत्सव और तुलसी–शालिग्राम विवाह समारोह बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान भगवान शालिग्राम और तुलसी माता की पूजा-अर्चना कर, पारंपरिक विधि से फेरे और परिक्रमा संपन्न कराई गई।
देवउठनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी पर तुलसी–शालिग्राम विवाह करवाने से अत्यंत पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। जो दंपत्ति कन्यादान का अवसर नहीं पा सके, वे इस दिन तुलसी का कन्यादान कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं। शास्त्रों में यह व्रत हजार अश्वमेध यज्ञों और सौ राजसूय यज्ञों के समान फलदायी बताया गया है।
संत-महंतों की रही उपस्थिति
इस पावन अवसर पर घाट के बालाजी सुदर्शनाचार्य जी, धर्म प्रचारक विजय शंकर पाण्डेय, महंत रामरज दास त्यागी, और लरविककुमार लक्ष्मीनारायण मंदिर शास्त्री सहित अनेक संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने विष्णु सहस्रनाम मंत्र का जप और दीपदान कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

















































