लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
मुनि बोले – अभिषेक आत्मा की पवित्रता का प्रतीक, सुखोदय में होगा मुनिसुव्रतनाथ भक्तामर विधान
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र की अभिषेक मंडल एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने अशोकनगर (मध्य प्रदेश) में विराजमान जगतपूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुनि श्री ने अभिषेक और शांतिधारा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “यह केवल जल नहीं, बल्कि आत्मा की पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है।”
उन्होंने सभी सदस्यों को नित्य अभिषेक करने का संकल्प दिलाया और पिच्छी से मंगल आशीष प्रदान की।
सुखोदय में होगा मुनिसुव्रतनाथ भक्तामर विधान
मुनि श्री सुधासागर जी ने घोषणा की कि सुखोदय तीर्थ क्षेत्र पर असीम कालीन मुनिसुव्रतनाथ भक्तामर विधान की स्थापना वे स्वयं कराएंगे।
यह घोषणा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान
इस अवसर पर आयोजित जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में 100 से अधिक अभिषेक मंडल सदस्यों ने अपने प्रश्न प्रस्तुत किए।
मुनि श्री ने अपनी अमृतवाणी में सभी प्रश्नों के समाधान करते हुए सुखोदय तीर्थ के अतिशयों का उल्लेख किया।
उन्होंने क्षेत्र के गौरवाध्यक्ष अजय जी (गाजियाबादवाले) की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे श्रावक श्रेष्ठी ही तीर्थों के संवाहक होते हैं।”
दीप प्रज्ज्वलन व समिति सदस्यों की सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान आचार्य श्री विद्यासागर महामुनिराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया।
प्रबंध कमेटी उपाध्यक्ष कजोड़मल सर्राफ और भक्तामर संयोजक नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि मुनि श्री के आशीर्वाद से समिति के सदस्य तीर्थ क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रति और अधिक समर्पित रहेंगे।
















































