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लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
( exclusive visual )
मोमासर बास, श्रीडूंगरगढ़
कचरे में मिला नवजात इंसानियत को झकझोरने और शर्मसार करने वाली घटना, क्या मर गई संवदेनाएं,
मदिना ने दिखाई इंसानियत,ममता ने पिलाया दूध
बच्चे ने पूछा- मेरा जन्म लेना क्या गुनाह है ?
मोमासर बास में इंसानियत को झकझोर दिया
कचरे के ढेर के पास मिला नन्हा सा बच्चा
समाज से सवाल- क्या हमारी संवेदनाएं मर गई है
बच्चे को मां की गोद की जगह मिली दुश्वारियां
ममता ने कराया स्तनपान, कहा- “मैं भी तो मां हूं “
श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर बास से आई ये तस्वीरें इंसानियत को झकझोरने वाली हैं…कचरे के ढेर के पास मिला वो नन्हा सा बच्चा… जिसने रोकर पूरे समाज से एक सवाल पूछा
क्या हमारी संवेदनाएं मर चुकी हैं?..मां की कोख से मेरा जन्म लेना क्या कोई गुनाह था…जो जिंदगी शुरू होने से पहले दुश्वारियां देखने को मिली….दरअसल मंगलवार सुबह की ये दिल दहला देने वाली घटना यहां हुई….
यहां की मदीना, जो घर से अस्पताल जा रही थी,..इस बीच उसे रास्ते में किसी मासूम की रोने की आवाज सुनाई दी…फिर देखा तो कचरे के ढेर में कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु पड़ा मिला…..जो ठंड और डर से कांप रहा था…. मदीना ने बिना देर किए इंसानियत का फर्ज निभाते हुए बच्चे को गोद में उठाया और राजकीय उपजिला अस्पताल पहुंची...और वहां के डॉक्टर्स ने बच्चे का तुरंत चैकअप किया..यहीं नहीं अस्पताल में भर्ती एक नव प्रसूता ममता ने लावारिस बच्चे को अपना दूध पिलाकर जीवन दिया..साथ ही कह मैं भी मां हूँ… वो बच्चा मेरा भी हो सकता था…इधर सूचना मिलते ही थानाधिकारी जितेन्द्र स्वामी मौके पर पहुंचे और अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की..बता दें कि इंसानी हाथों में आने के बाद फिलहाल शिशु सुरक्षित है, प्रशासन ने उसकी देखभाल की व्यवस्था की है
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