लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
10 हजार करोड़ की लागत से 7,500 गांव हुए लाभान्वित — जल जीवन मिशन बना ग्रामीण राजस्थान की जीवनरेखा
जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के हर गांव और ढाणी तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार के अब तक के कार्यकाल में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 7,500 गांवों के 13.10 लाख घरों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। इस कार्य पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है।
ग्रामीण भारत में जल पहुंचाने की दिशा में मील का पत्थर
वर्ष 2019 में देश के ग्रामीण इलाकों में “हर घर नल से जल” पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से संचालित है।
राजस्थान जैसे कम वर्षा और गिरते भू-जल स्तर वाले प्रदेश के लिए यह मिशन एक वरदान साबित हो रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत अब तक 49.70 लाख नल कनेक्शन जारी
राज्य सरकार ने अब तक जल जीवन मिशन के अंतर्गत 49.70 लाख नल कनेक्शन जारी किए हैं, जिनके माध्यम से 61.44 लाख ग्रामीण परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है।
राज्य में मिशन के तहत स्वीकृत 92.11 लाख नल कनेक्शनों के लक्ष्य में से 78.12 लाख कार्यादेश जारी हो चुके हैं, जबकि शेष 13.99 लाख कनेक्शनों के कार्यादेश शीघ्र जारी किए जाएंगे।
11,347 योजनाएं स्वीकृत, 59,104 करोड़ के कार्यादेश जारी
जल जीवन मिशन के अंतर्गत 11,347 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं — जिनमें 188 वृहद् योजनाएं और 11,159 अन्य योजनाएं शामिल हैं।
इनमें से अब तक 152 वृहद् योजनाओं और 10,734 अन्य योजनाओं के 59,104 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
अब तक 38 वृहद् योजनाएं और 5,271 अन्य योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 114 वृहद् योजनाएं और 5,263 योजनाएं प्रगति पर हैं।
राजस्थान में जल जीवन मिशन: सिर्फ योजना नहीं, एक सामाजिक परिवर्तन
राजस्थान में जल जीवन मिशन केवल पेयजल योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का आंदोलन बन चुका है।
यह राज्य के उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से जल संकट से जूझ रहे थे।
इस मिशन के सफल कार्यान्वयन से पानी की समस्या का समाधान होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त होगा।




















































