लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
नवीन कुमावत,
जयपुर। एनआई कोर्ट ने 6.50 लाख रुपए कीमत के जेवरात उधार लेकर भुगतान पेटे दिए गए चेक के अनादरित होने से जुड़े प्रकरण पर सुनवाई करते हुए मामला खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश सीमा रानी की अदालत ने इस मामले में विधिक अदायगी नहीं मानते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
मामले में आरोपी पक्ष के वकील सुधीर शुक्ला ने बताया कि अदालत ने गुरूनानकपुरा हाल गांधी नगर, दिल्ली निवासी गुरमीत सिंह वेद को बरी कर दिया है।
परिवादी राजेंद्र सिंह धीर ने 2 नवंबर 2020 को गुरमीत सिंह के खिलाफ परिवाद दायर किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने 29 जुलाई 2020 को जेवरात खरीद भुगतान पेटे चेक दिया, जो अनादरित हो गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि परिवादी ने जेवरात खरीद से जुड़े कोई दस्तावेज या लिखित प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। वहीं, विवादित चेक से पहले और बाद में दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की वित्तीय अदायगी भी साबित नहीं हुई।
इसके अलावा परिवादी ने स्वयं को कभी व्यवसायी और कभी मजदूर बताया, जिसे कोर्ट ने परस्पर संदिग्ध कथन मानते हुए मामला खारिज कर दिया।















































