लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
रिपोर्ट: ओम प्रकाश सैनी, लोसल (सीकर)
सीकर/लोसल।
लोसल उप जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। शुक्रवार शाम हुई इस घटना के बाद शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक वर्मा को निलंबित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।
धरने पर अड़े लोग
धरने के दौरान मौके पर पहुंचे आरसीएचओ विशाल और कूदन बीसीएमओ कुलदीप दानोदिया ने समझाइश की, लेकिन लोग उच्च अधिकारियों को बुलाने और तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बाद में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया और दांतारामगढ़ उपखंड अधिकारी मोनिका सामौर मौके पर पहुंचे। वार्ता के बाद ग्रामीणों ने परिजनों और नेताओं की एक कमेटी गठित की।
मांगें और सहमति
कमेटी ने लिखित में यह मांगें रखीं:
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डॉ. अशोक वर्मा को बर्खास्त किया जाए
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डिलीवरी में लापरवाही पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो
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मामले की जांच विशेष कमेटी से करवाई जाए
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नवजात का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से हो
वार्ता के बाद सहमति बनी कि डॉ. अशोक वर्मा को एपीओ किया जाएगा, मुकदमा दर्ज होगा, विशेष कमेटी जांच करेगी और नवजात का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाया जाएगा।
18 घंटे बाद खत्म हुआ धरना
करीब 18 घंटे चले धरने के बाद समझौते पर सहमति बनी और आंदोलन समाप्त हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और लोग मौजूद रहे, जिनमें पूर्व पालिकाध्यक्ष गोविंद राम बिजारणियां, बीआर हरिपुरा, रमेश शास्त्री, भाजपा नेता राजकुमार शर्मा, सांवरमल मंडीवाल, सुखाराम खोखर, सहित कई प्रतिनिधि शामिल थे।














































