लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अमन-भाईचारे की दुआ के साथ हुआ समापन
मौलानाओं का माला पहनाकर किया इस्तकबाल, घोड़ी पर सवार कर निकाला जुलूस; नात-ए-पाक और आतिशबाजी के बीच दरगाह पहुंचकर की फातिहा
पादूकलां, नागौर। पादूकलां कस्बे में जश्ने ईद मिलादुन्नबी एवं बारावफात का पर्व धार्मिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मदीना मस्जिद से भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए और नात-ए-पाक पढ़ते हुए विभिन्न मार्गों से होकर हजरत पाल वाले बाबा की दरगाह पहुंचे।
जुलूस रवाना होने से पहले मौलानाओं का माला पहनाकर इस्तकबाल किया गया। इसके बाद उन्हें घोड़ी पर सवार कर जुलूस में शामिल किया गया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक गीतों और नात-ए-पाक की गूंज सुनाई देती रही। जगह-जगह आतिशबाजी कर लोगों ने पर्व की खुशियां मनाईं।
मौलानाओं का माला पहनाकर किया स्वागत
जुलूस से पहले मौलाना साबिर हुसैन, मौलाना अल्ताफ हुसैन, मौलाना राशिद हुसैन, मौलाना अब्दुल रहीम और मौलाना मुख्तियार सहित अन्य मौलानाओं का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
इसके बाद मौलानाओं को घोड़ी पर सवार कर जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में समाज के लोग जुलूस में शामिल हुए और नातें पढ़ते हुए आगे बढ़े।
इन प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा जुलूस
मदीना मस्जिद से रवाना हुआ जुलूस सदर बाजार, अजमेर रोड और मदरसा कुरैशी मोहल्ला होते हुए सार्वजनिक तालाब के किनारे स्थित हजरत पाल वाले बाबा की दरगाह पहुंचा।
जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने उत्साह के साथ पर्व की खुशियां मनाईं। नात-ए-पाक और धार्मिक गीतों के बीच आतिशबाजी भी की गई।
दरगाह पर हुई फातिहा खानी
जुलूस के दरगाह पहुंचने के बाद परंपरानुसार फातिहा खानी की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ गांव-कस्बे की खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी खुशी और रहमत का अवसर है। इस मौके पर पादूकलां में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार जुलूस निकाला जाता है और दरगाह पर फातिहा की जाती है।
अमन और भाईचारे की मांगी दुआ
समाज के लोगों ने कहा कि अल्लाह ताला से दुआ है कि देश में अमन-चैन और आपसी भाईचारा कायम रहे। सभी लोगों के घरों में खुशहाली आए और पादूकलां गांव निरंतर तरक्की करे।
उन्होंने कहा कि पर्व का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का भी है।
पुलिस प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस जाप्ता जुलूस के साथ मौजूद रहा और पूरे मार्ग पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की गई।
इस दौरान कमेटी की ओर से थानाधिकारी राजेश कुमार, सूचना अधिकारी गोविंद ताड़ा, एएसआई बन्नाराम, मांगीलाल, शिवरतन, हेड कांस्टेबल अकरम खान, श्रवणराम लालरिया, महिला कांस्टेबल संतोष, कांस्टेबल संजय एवं पृथ्वीराज दायमा सहित पुलिस जाप्ते का माला पहनाकर इस्तकबाल किया गया।
धार्मिक उत्साह के साथ सौहार्द का संदेश
पादूकलां में जश्ने ईद मिलादुन्नबी एवं बारावफात का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ अमन, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया। नात-ए-पाक की गूंज, भव्य जुलूस और आतिशबाजी के बीच समाज के लोगों ने पर्व की खुशियां मनाईं।
पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। दरगाह पर फातिहा खानी के बाद देश, समाज और पादूकलां की खुशहाली के लिए दुआ की गई।




















































