लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
तिरंगा लेकर नजर आए मुस्लिम युवा
डीजे की धुन पर झूमते दिखे बच्चे, युवा और बुजुर्ग; जुलूस में नजर आया देशप्रेम, अमन और भाईचारे का संदेश
भरतपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म और वफात की याद में 12 रबी-उल-अव्वल के अवसर पर बुधवार को भरतपुर शहर में बारावफात का जुलूस धूमधाम और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में मुस्लिम समाज के बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। घोड़े, बग्गी और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। युवा डीजे की धुन पर झूमते हुए जुलूस में आगे बढ़ते नजर आए।
बारावफात के जुलूस में देशप्रेम और भाईचारे की झलक भी देखने को मिली। जुलूस में शामिल कुछ मुस्लिम युवा हाथों में तिरंगा लेकर चलते नजर आए। घोड़ों पर सवार युवाओं में से एक के हाथ में तिरंगा लहराता दिखाई दिया। वहीं कई युवाओं के हाथों में हरे रंग के धार्मिक झंडे भी नजर आए।
गोपालगढ़ से शुरू हुआ जुलूस
बारावफात का जुलूस गोपालगढ़ सेढ़ के मढ़ से रवाना हुआ। इसके बाद जुलूस गांधी पार्क, कमला रोड, कोतवाली बाजार, लक्ष्मण मंदिर, जामा मस्जिद, गंगा मंदिर, मोरी चारबाग और मथुरा गेट होते हुए वापस गोपालगढ़ पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ।
जुलूस के निर्धारित मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। कई स्थानों पर जुलूस में शामिल लोगों के लिए पानी और शरबत की व्यवस्था भी की गई।
घोड़े-बग्गी और डीजे रहे आकर्षण
जुलूस में घोड़े और बग्गियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में बच्चे और युवा भी जुलूस में शामिल हुए। डीजे की धुन पर युवा उत्साह के साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए।
पूरे जुलूस के दौरान धार्मिक नारों से वातावरण गूंजता रहा। समाज के बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात
बारावफात के जुलूस को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के पूरे मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
कोतवाली थाना, अटलबंद थाना, मथुरा गेट थाना और उद्योग नगर थाना पुलिस के अधिकारी और जवान जुलूस के साथ मौजूद रहे। एएसपी धर्मेंद्र यादव और सीओ सिटी आशिमा वासमानी भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए जुलूस के साथ रहे।
इसके अलावा सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी, जो पूरे मार्ग पर निगरानी करते नजर आए। पुलिस की निगरानी में जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित मार्ग से गुजरा।
अमन, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश
अलीमुदीन ने बताया कि 12 रबी-उल-अव्वल मुस्लिम समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म की याद में मिलाद-उन-नबी मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने दुनिया को अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज के लोग उनके बताए रास्ते पर चलने और समाज में आपसी भाईचारा एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेते हैं।
‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से गूंजा शहर
जुलूस के दौरान ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह दिखाई दिया। जुलूस में शामिल लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ आयोजन में भाग लिया।
निर्धारित मार्ग से गुजरने के बाद जुलूस वापस गोपालगढ़ पहुंचा, जहां दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पुलिस की कड़ी सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी के बीच बारावफात का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
तिरंगे ने खींचा ध्यान
भरतपुर के बारावफात जुलूस में धार्मिक आस्था के साथ देशप्रेम का दृश्य भी देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लेकर चलते मुस्लिम युवाओं ने लोगों का ध्यान खींचा। जुलूस में धार्मिक झंडों के साथ राष्ट्रीय ध्वज की मौजूदगी ने आयोजन में देशभक्ति और सामाजिक भाईचारे का संदेश भी जोड़ा।




















































