राजस्थान निकाय चुनाव,309 शहरी निकायों के प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी आज

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

309 निकाय प्रमुख पदों में से 50 पद अनुसूचित जाति (SC), 11 पद अनुसूचित जनजाति (ST), 60 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा 188 पद अनारक्षित वर्ग के लिए

जयपुर। राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया गुरुवार को जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग में शुरू हो गई। प्रदेश के 309 शहरी निकायों में निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली जा रही है। इस प्रक्रिया के बाद नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों का आरक्षण तय हो जाएगा।

आरक्षण के अनुसार 309 निकाय प्रमुख पदों में:

  • अनुसूचित जाति (SC) : 50 पद, जिनमें 16 महिला
  • अनुसूचित जनजाति (ST) : 11 पद, जिनमें 3 महिला
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) : 60 पद, जिनमें 21 महिला
  • अनारक्षित (सामान्य) : 188 पद, जिनमें 62 महिला

आरक्षण प्रक्रिया के तहत कई बड़े शहरों के महापौर पदों का भी वर्गीकरण तय किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में कोटा नगर निगम महापौर पद को OBC महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इससे कोटा में आगामी चुनाव में केवल ओबीसी महिला उम्मीदवार ही महापौर पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगी।

आरक्षण व्यवस्था के तहत 309 निकाय प्रमुख पदों में से 50 पद अनुसूचित जाति (SC), 11 पद अनुसूचित जनजाति (ST), 60 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा 188 पद अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए भी आरक्षण तय किया गया है। SC वर्ग में 16, ST में 3, OBC में 21 और अनारक्षित वर्ग में 62 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।

कोटा नगर निगम में OBC महिला मेयर

लॉटरी प्रक्रिया में सामने आए प्रमुख परिणामों में कोटा नगर निगम का महापौर पद OBC महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इससे कोटा में आगामी चुनाव में ओबीसी महिला उम्मीदवारों के बीच महापौर पद की सीधी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

वार्डों का आरक्षण बाद में होगा

निकाय प्रमुखों के पदों का आरक्षण तय होने के बाद अगला चरण वार्ड आरक्षण का होगा। 17 अगस्त को जिला स्तर पर नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया संबंधित जिला कलेक्टरों की देखरेख में संपन्न होगी।

वार्डों का निर्धारण एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। इसके बाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को अपने-अपने वार्डों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चुनावी तस्वीर होगी साफ

राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे।

विशेष रूप से OBC आरक्षण पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि प्रदेश के 60 निकाय प्रमुख पद इस वर्ग के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं। लॉटरी के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में OBC वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलेगा।

आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही प्रदेशभर में निकाय चुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।

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