लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सीबीआई जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, सरकार पर बढ़ा दबाव
रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य की राजधानी रांची सहित कई जिलों में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई और बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं।
छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी रांची बना आंदोलन का केंद्र
भर्ती घोटालों के विरोध में हजारों छात्र रांची में एकत्रित हुए और विधानसभा घेराव का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार और आयोगों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच
- विवादित परीक्षाओं को निरस्त करने की कार्रवाई
- दोषी अधिकारियों और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार
शामिल हैं।
सरकार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और भर्ती प्रक्रियाओं में हुई गड़बड़ियों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।
वहीं सरकार का कहना है कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कुछ मामलों की जांच एजेंसियों को सौंपने की भी बात कही है।
युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपनी उम्र और आर्थिक संसाधन खर्च कर चुके हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं पर उठे सवालों ने युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।
आगे क्या?
भर्ती विवाद को लेकर झारखंड सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। यदि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल छात्र संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और राज्यभर में विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दे चुके हैं।
झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के भविष्य, पारदर्शिता और सरकारी व्यवस्था में विश्वास से जुड़ा बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।
















































