लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
निकली भव्य शोभायात्रा
किशनगढ़ रेनवाल | रिपोर्ट: नवीन कुमावत
मुंडियागढ़ स्थित श्री दादूदयाल आश्रम श्री सुखसागर सेवा धाम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव का रविवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ समापन हुआ। इस दौरान विशाल शोभायात्रा, सत्संग, गुरु पूजन, गुरु दीक्षा, महाआरती और भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
निकली भव्य शोभायात्रा
समापन समारोह की शुरुआत सुबह 9 बजे श्रीमद् दादू वाणी जी की भव्य शोभायात्रा से हुई। शोभायात्रा सुखसागर सेवा धाम से रवाना होकर मुंडियागढ़ गांव की परिक्रमा करते हुए पुनः आश्रम पहुंची। इसमें सुसज्जित श्रीमद् दादूवाणी जी का रथ, ध्वज वाहिनी, घुड़सवार दल और खंडेत कला प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में युवा और मातृशक्ति भगवा ध्वज लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए।
“ब्रह्मात्म एक्य का बोध कराने वाले ही सच्चे सद्गुरु”
सत्संग सभा का शुभारंभ श्री सुखदेव जी महाराज ने दादू जी महाराज एवं अपने गुरुदेव परम पूज्य भूरादास जी महाराज के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
अपने आशीर्वचन में श्री सुखदेव जी महाराज ने कहा कि “जो गुरु अपने शिष्य को स्वयं से भी श्रेष्ठ बनाएं और ब्रह्मात्म एक्य का बोध कराएं, वही सच्चे सद्गुरु होते हैं। सनातन संस्कृति में भेदभाव और खेद बढ़ाने वालों को गुरु नहीं माना गया है।”
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम में बन्नू भारती (रेनवाल), मुकेश, कन्हैयालाल (जयपुर), बंशी (इंदौर), पुरुषोत्तम (इंदौर) और तारु भारती (लातूर) सहित कई भजन गायकों ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं।
इसके बाद संत सियाराम जी महाराज, कानाराम जी मोरड़ा, धनजी महाराज, युवा संत धर्मेंद्र जी महाराज (गुड्डा) एवं गिरधारी जी महाराज (रेनवाल) ने सत्संग, सद्गुरु और आत्मज्ञान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
सेवाभाव से जुड़े श्रद्धालुओं का हुआ सम्मान
सुखसागर सेवा धाम में विभिन्न सेवा कार्यों में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं का गुरुदेव श्री सुखदेव जी महाराज ने शाल ओढ़ाकर तथा ‘सुखसागर अनुभव प्रकाश’ ग्रंथ की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में पन्नालाल, हीरालाल मिंडा, महेंद्र (इंदौर), मोहन मुरारी नागा (नासिक), ख्यालीराम सैनी, श्याम सिरसवा (लातूर), रामचंद्र पटवारी (आष्टी) सहित कई सेवक शामिल रहे।
गुरु पूजन और भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
कार्यक्रम का समापन सामूहिक गुरु पूजन, गुरु दीक्षा, महाआरती एवं विशाल भंडारा प्रसादी के साथ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का संचालन भरत कुमावत ने किया। इस अवसर पर नाथूराम सिरसवा, पोखरमल सिरसवा, ज्ञान जेठीवाल, लक्ष्मीनारायण, गणपत घाटवा, बंशी इंदौर, लालाराम सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।















































