लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की पहल बनी देशभक्ति का संस्कार
कारगिल विजय दिवस पर विद्यार्थियों और गौरव सेनानियों ने लिखे वीर परिवारों के नाम सम्मान व धन्यवाद के संदेश
जयपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की पहल पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति और संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों और गौरव सेनानियों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के परिवारों के लिए अपने हाथों से चिट्ठियां लिखकर सम्मान, कृतज्ञता और धन्यवाद के भाव व्यक्त किए।
मासूम हाथों से लिखे इन संदेशों में वीरों के प्रति श्रद्धा और उनके परिवारों के प्रति सम्मान झलका। किसी बच्चे ने भावुक पत्र लिखा तो किसी ने रंगों के माध्यम से सैनिकों के शौर्य को दर्शाया। इन संदेशों को कारगिल के शहीद परिवारों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें यह महसूस हो सके कि पूरा देश उनके त्याग और बलिदान को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद करता है।
“शहीद केवल इतिहास नहीं, राष्ट्र की आत्मा हैं”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि शहीद केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज नाम नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की आत्मा होते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों का साहस, धैर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वीर सैनिकों के बलिदान से जोड़ना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत प्रक्रिया है। जब बच्चे वीरों के बारे में पढ़ने के साथ-साथ उनके परिवारों के लिए अपने हाथों से पत्र लिखते हैं, चित्र बनाते हैं और अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, तो देशभक्ति केवल भावना नहीं रहती, बल्कि संस्कार बन जाती है।
शौर्य की विरासत से जुड़ी नई पीढ़ी
कर्नल राठौड़ ने कहा कि भारत की परंपरा रही है कि यहां वीरों के त्याग और बलिदान को पीढ़ी दर पीढ़ी सम्मान के साथ याद किया जाता है। ऐसे आयोजन बच्चों में राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा राष्ट्र निर्माण करना है जो अपने वीर जवानों के सम्मान, उनके त्याग और मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दे।
वीरों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में कारगिल युद्ध में मां भारती की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और राष्ट्रसेवा को याद किया।
लोक टुडे विशेष
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की यह पहल शहीदों के सम्मान को नई पीढ़ी से जोड़ने का भावनात्मक प्रयास रही। बच्चों की कलम से निकले शब्दों ने यह संदेश दिया कि देश अपने वीरों और उनके परिवारों के त्याग को कभी नहीं भूलेगा।












































