लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सरकारी चरागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त
सुनील निगम | गंगधार (झालावाड़)
गंगधार। झालावाड़ जिले के गंगधार थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर एवं मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में नामजद संजय मीणा (48) द्वारा सरकारी चरागाह भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों पर सोमवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पक्के निर्माण और अन्य अतिक्रमण हटाते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई जिले में हिस्ट्रीशीटर, हार्डकोर और सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से संपत्ति बनाई है या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए हैं।
सर्वे में सामने आया अतिक्रमण
प्रशासन ने बताया कि सरकारी चरागाह भूमि के सर्वे के दौरान संजय मीणा द्वारा भूमि के एक हिस्से पर पक्की दुकान का निर्माण तथा दो अन्य स्थानों पर नींव, कुर्सी और दीवार बनाकर अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी अवैध निर्माण हटाए गए।
कई आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार संजय मीणा के विरुद्ध पहला मामला वर्ष 1999 में गंगधार थाने में मादक पदार्थ तस्करी का दर्ज हुआ था, जिसमें 1260 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया था। इसके अलावा उसके खिलाफ जानलेवा हमला, अवैध वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ सहित कुल पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह गंगधार थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
प्रशासन और पुलिस रही मौजूद
कार्रवाई गंगधार तहसीलदार गणेश खंगार के नेतृत्व में की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डिप्टी हेमंत गौतम, डग थाना प्रभारी भंवर सिंह, गंगधार थाना प्रभारी अमरनाथ, उन्हेल थाना प्रभारी रामकरण सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे।
प्रशासन ने कहा कि जिले में अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट: समाचार के अंत में लिखा गया वाक्य “जांच अगर निष्पक्ष हुई तो कई मामले उजागर हो सकते हैं” एक टिप्पणी/मत है। इसके समर्थन में आधिकारिक तथ्य उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इसे समाचार का हिस्सा नहीं बनाया गया है।














































