लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर धार्मिक टिप्पणियों से जुड़े मामलों का ब्योरा सदन में रखा गया
जयपुर (रितु मेहरा)। राजस्थान विधानसभा में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए गए हैं। सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 के बीच राज्य में हिंदू धर्म, देवी-देवताओं, धार्मिक ग्रंथों और आस्थाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों एवं सामग्री से संबंधित 224 एफआईआर दर्ज की गईं।
सरकार की ओर से विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक ये मामले सोशल मीडिया पोस्ट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सार्वजनिक मंचों और अन्य माध्यमों पर साझा की गई सामग्री से जुड़े हुए हैं। शिकायतों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान जैसे आरोप शामिल रहे।
विधानसभा में उठा धार्मिक संवेदनशीलता का मुद्दा
सदन में पेश आंकड़ों ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती अभिव्यक्ति और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। सरकार ने बताया कि पुलिस ने प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न जिलों में मामले दर्ज किए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ धार्मिक विषयों पर की जाने वाली टिप्पणियां और पोस्ट कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसी कारण राज्य में ऐसे मामलों पर पुलिस और साइबर इकाइयों की निगरानी बढ़ाई गई है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रशासन का उद्देश्य किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है। अधिकारियों ने नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और किसी भी संवेदनशील विषय पर पोस्ट साझा करने से पहले सावधानी बरतने की अपील की है।
- राजस्थान विधानसभा में धार्मिक मामलों से जुड़े आंकड़े पेश।
- वर्ष 2022 से 2025 के बीच 224 एफआईआर दर्ज।
- मामले सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों से संबंधित।
- धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोपों पर कार्रवाई।
- कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर सरकार का जोर।














































